अनदेखी: जर्जर सड़कें और नालियां चोक, कीचड़ व जलभराव से जूझते लोग, फैक्टरी मालिकों ने बयां की पीड़ा, कही ये बात
Kanpur News: पनकी साइट नंबर चार के फैक्टरी मालिकों ने पीड़ा बयां करते हुए क्षेत्र की समस्याओं को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों की तरह साइट नंबर-4 में भी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। शिकायत के बाद भी इन्हें ठीक करने या बदलने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आता।
विस्तार
हर साल करीब दो करोड़ रुपये टैक्स देने वाले पनकी साइट नंबर-4 के फैक्टरी मालिक यहां की दुर्दशा से परेशान हैं। मीता सराय गांव से बॉटलिंग प्लांट तक फैले इस क्षेत्र में नालियां चोक हैं। इससे लोग जलभराव व कीचड़ से जूझते हैं। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही है।
जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है, जिससे लगता है कि यहां सालों से सफाई ही नहीं की गई। क्षेत्र के फैक्टरी मालिकों का कहना है कि नाले-नालियों की सफाई करने कर्मचारी आते ही नहीं है। इससे लगभग हर गली की नालियां चोक हैं। गंदा पानी सड़क पर भरा है।
नगर निगम अधिकारी नहीं देते हैं ध्यान
बियर गोदाम के पास से शुरू होती लगभग हर गली कीचड़ से पटी पड़ी है। मार्ग नंबर छह पर स्क्रैप गोदाम की वजह से जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। फैक्ट्री नंबर डी आठ से 11 तक तो ऐसा लगता है कि यहां सफाईकर्मी आते ही नहीं हैं। कई शिकायतों के बाद भी नगर निगम अधिकारी ध्यान नहीं देते।
आठ माह से नहीं जल रहीं स्ट्रीट लाइटें
दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों की तरह साइट नंबर-4 में भी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। करीब आठ माह से लाइटें जल ही नहीं रही हैं। रात के वक्त इतना अंधेरा रहता है कि लोगों को टार्च लेकर निकलना पड़ता है। शिकायत के बाद भी इन्हें ठीक करने या बदलने के लिए कोई कर्मचारी नहीं आता।
ये हैं आंकड़े
- 50 एकड़ क्षेत्र में फैला पनकी साइट नंबर-4
- 200 फैक्टरी हैं इलाके में
- 25 फैक्टरी बंद हैं इनमें से
- सीमेंट के गोदाम के पास दोनों तरफ की नालियां महीनों से चोक हैं। पूरी सड़क पर गंदा पानी व कीचड़ फैला है। इससे गाड़ियां स्लिप होने का खतरा रहता है। -ब्रजनाथ जायसवाल
- नालियों की सफाई नहीं होने से पूरे औद्योगिक क्षेत्र की गलियों में कीचड़ व जलभराव है। हर गली का यहीं हाल है लेकिन कोई अधिकारी सुनवाई नहीं करता है। -बनवारी पांडेय
- हफ्ते में दो-तीन दिन ही नालियों की साफ-सफाई होने लगे तो कीचड़ नहीं होगा। साथ ही सड़कें भी क्षतिग्रस्त नहीं होंगी और आवागमन में दिक्कत नहीं होगी। -अनिल शर्मा
पूरे क्षेत्र में हर दिन कर्मचारी साफ-सफाई करते हैं। वहीं, फैक्टरियों से निकलने वाला कचरा नाली में बहा दिया जाता है। इससे नालियां जाम हो जाती हैं और जलभराव होता है। फैक्टरी मालिकों को इसके निस्तारण की व्यवस्था करनी चाहिए। -अमरीश यादव, जेडएसओ, जोन-5, नगर निगम