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Kanpur News: लो बीपी वाले रोगियों की सुरक्षित तरीके से हो सकेगी डायलिसिस
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कानपुर। लो ब्लड प्रेशर होने पर भी गुर्दा रोगियों की सुरक्षित तरीके से डायलिसिस हो जाएगी। लो ब्लड प्रेशर के कारण डायलिसिस नहीं रोकी जाएगी। हैलट के मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के गुर्दा रोग विभाग में दो अत्याधुनिक हीमोडाया फिल्टरेशन (एचडीएफ) मशीनें आ गई हैं। किसी सरकारी अस्पताल में अभी ये मशीनें नहीं हैं। सामान्य डायलिसिस मशीनों की तुलना में एचडीएफ शरीर से अधिक विषैले तत्व निकालेगी।
गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि एचडीएफ मशीनों में अल्ट्रा प्योर पानी इस्तेमाल किया जाता है। इससे गुर्दा रोगी को डायलिसिस में कम जटिलताएं होती हैं। एचडीएफ डायलिसिस मशीन का अत्याधुनिक रूप है। उन्होंने बताया कि आईसीयू के रोगियों का ब्लड प्रेशर लो हो जाता है, उनकी अभी डायलिसिस नहीं हो पाती। इससे ब्लड प्रेशर और गिरने का डर रहता है। ऐसे रोगियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा बहुत से रोगी गंभीर स्थिति में भर्ती होते हैं, उनके गुर्दे फेल हो जाते हैं। उनकी भी डायलिसिस हो जाएगी। डॉ. गुलाटी ने बताया कि एचडीएफ से भी सामान्य की तरह एक डायलिसिस करने में चार घंटे लगते हैं।
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गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. युवराज गुलाटी ने बताया कि एचडीएफ मशीनों में अल्ट्रा प्योर पानी इस्तेमाल किया जाता है। इससे गुर्दा रोगी को डायलिसिस में कम जटिलताएं होती हैं। एचडीएफ डायलिसिस मशीन का अत्याधुनिक रूप है। उन्होंने बताया कि आईसीयू के रोगियों का ब्लड प्रेशर लो हो जाता है, उनकी अभी डायलिसिस नहीं हो पाती। इससे ब्लड प्रेशर और गिरने का डर रहता है। ऐसे रोगियों को इसका लाभ मिलेगा। इसके अलावा बहुत से रोगी गंभीर स्थिति में भर्ती होते हैं, उनके गुर्दे फेल हो जाते हैं। उनकी भी डायलिसिस हो जाएगी। डॉ. गुलाटी ने बताया कि एचडीएफ से भी सामान्य की तरह एक डायलिसिस करने में चार घंटे लगते हैं।
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