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Kanpur News: चक्रवाती तूफान का अलर्ट जारी, अनावश्यक यात्रा से बचें
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कानपुर। बंगाल की खाड़ी में उठ रहे चक्रवाती तूफान अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 31 अक्तूबर के बीच जिले में भारी बारिश के आसार हैं। 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। गरज-चमक और वज्रपात की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों और असुरक्षित संरचनाओं की पहचान कर जरूरी सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, जर्जर दीवारों, पुराने भवनों और होर्डिंग के आसपास खड़े होने से बचने के लिए कहा गया है। वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें। छत, बालकनी और खुले स्थानों पर जाने से भी बचें। टॉर्च, जरूरी दवाएं और पेयजल की व्यवस्था भी रखें। पशुपालकों को मवेशियों को पेड़ों के नीचे, खुले मैदान या कमजोर छप्परों में नहीं बांधने की सलाह दी गई है।
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अर्नब के प्रभाव से सुबह और शाम की ठंड में इजाफा हो जाएगा। इस चक्रवात के असर से कानपुर परिक्षेत्र के तापमान में पांच से आठ डिग्री तक गिरावट की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बादलों की आवाजाही बुधवार रात से शुरू हो जाएगी। दिन के तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। चक्रवाती तूफान अर्नब बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। 29 और 30 अक्तूबर को भारी बारिश की संभावना है। 33 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट है।
किसान खेतों में पड़ी धान की कटी हुई फसल तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं जिससे भीगने से बच सके। गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर कच्ची दीवारों के नीचे खड़े होने से बचें।
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किसी भी आपात स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 या स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने और राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर भवनों, कमजोर दीवारों और असुरक्षित संरचनाओं की पहचान कर जरूरी सुरक्षात्मक कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासन ने लोगों से पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, जर्जर दीवारों, पुराने भवनों और होर्डिंग के आसपास खड़े होने से बचने के लिए कहा गया है। वज्रपात के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लें। छत, बालकनी और खुले स्थानों पर जाने से भी बचें। टॉर्च, जरूरी दवाएं और पेयजल की व्यवस्था भी रखें। पशुपालकों को मवेशियों को पेड़ों के नीचे, खुले मैदान या कमजोर छप्परों में नहीं बांधने की सलाह दी गई है।
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अर्नब के प्रभाव से सुबह और शाम की ठंड में इजाफा हो जाएगा। इस चक्रवात के असर से कानपुर परिक्षेत्र के तापमान में पांच से आठ डिग्री तक गिरावट की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम विभाग के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि बादलों की आवाजाही बुधवार रात से शुरू हो जाएगी। दिन के तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। चक्रवाती तूफान अर्नब बंगाल की खाड़ी के ऊपर से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। 29 और 30 अक्तूबर को भारी बारिश की संभावना है। 33 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट है।
किसान खेतों में पड़ी धान की कटी हुई फसल तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं जिससे भीगने से बच सके। गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों या कमजोर कच्ची दीवारों के नीचे खड़े होने से बचें।