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मुंबई से सप्लाई हो रही ‘पेट्रोल चोरी वाली चिप’, बड़े खुलासों से क्राइम ब्रांच हैरान

Tue, 02 May 2017 06:38 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 02 May 2017 06:38 PM IST
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petrol theft case from chip
जांच करते बाट-माप विभाग के अधिकारी

रिमोट से पेट्रोल चोरी करने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड औरैया जिले का अंकुर वर्मा था। अब अंकुर की कुंडली पंजाब पुलिस से क्राइम ब्रांच ने मांगी है। मुंबई से पेट्रोल चोरी करने वाली चिप की सप्लाई हो रही है इस बात का पता क्राइम ब्रांच ने लगा लिया है। अब ठिकाने पर छापेमारी के लिए टीमें रवाना हो चुकी हैं। 

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पेट्रोल पंपों पर चिप लगाकर रिमोट से हो रही घटतौली का नेटवर्क औरैया से शुरू होने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन भी सकते में है। औरैया पुलिस अब पंजाब पुलिस से इस गिरोह के मास्टरमाइंड की कुंडली पता करने के लिए उसका रिकॉर्ड मांग रही है। लखनऊ में पेट्रोल पंप पर रिमोट से हो रही घटतौली के बाद यह मुद्दा एकदम गरमा गया। जबकि करीब डेढ़ साल पहले ही पंजाब पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करके यूपी को आगाह कर दिया था मगर यूपी की पुलिस और खुफिया एजेंसी हाथ पर हाथ रखे बैठी रही। अब जब लखनऊ में मामला पकड़ा गया तो हल्ला मचा  है। अमर उजाला द्वारा इस खुलासे के बाद औरैया प्रशासन में भी हड़कंप मच गया है। अब सबकी निगाह यहां पर टिकी है कि आखिर अंकुर वर्मा कौन है और औरैया के किस पेट्रोल पंप पर उसने काम किया था। एसपी रामकिशोर ने बताया कि वह पंजाब पुलिस से अंकुर वर्मा का रिकॉर्ड मांग रहे है। जिससे कि जिले में उसका नेटवर्क अगर है तो उसे तोड़ा जाए। इसके अलावा वहां से यह भी पता चल जाएगा कि अंकुर वर्मा अभी जेल में है या बाहर। 

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मुंबई से लाया था चिप 

petrol theft case from chip
पेट्रोल पंपों पर छापे, जांच करती क्राइम ब्रांच और बाट-माप विभाग
सूत्र बताते है कि अंकुर वर्मा मुंबई गया था। जहां से वह चिप और रिमोट लाया था और उसने इस रिमोट को लगाकर जिले के ही पंप पर ट्रायल लिया था। इसके बाद उसने अपना नेटवर्क शुरू बनाया। उसके बनाएं एजेंटों ने चिप की सप्लाई शुरू कर दी। धीरे धारे यह नेटवर्क उसने पंजाब और हरियाणा में भी फैला दिया। 
इंटर पास अंकुर साफ्टवेयर का था जानकार 
सूत्रों से पता लगा है कि इंटर पास अंकुर वर्मा कानपुर की एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर का काम करता था। उसके तेज दिमाग के कारण कंपनी उससे काम ले रही थी। मगर वेतन कम था। जब उसने वेतन बढ़ाने की बात कही तो कंपनी ने उसे डिग्री न होने पर हटा दिया था। यहीं से उसने कुछ करने की ठान ली थी।
पंजाब में पकड़ा गया था अंकुर
डेढ़ साल पहले पंजाब के मानसा जिले में इस गिरोह का मास्टरमाइंड अंकुर वर्मा पकड़ा गया। पंजाब पुलिस ने जो खुलासा किया था उसके अनुसार कानपुर के रहने वाले अंकुर वर्मा ने कानपुर की एक कंपनी में नौकरी छूटने के बाद औरैया के एक पेट्रोल पंप पर नौकरी की थी। यहां से उसने अपना जाल फैलाया तो तीन प्रदेशों में अपना नेटवर्क स्थापित कर लिया। पंजाब पुलिस ने अंकुर व उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
1 ली. पेट्रोल में 80 एमएल की चोरी मिली
कानपुर के शिवराजपुर में घटतौली की शिकायत पर पुलिस ने शिवराजपुर-शिवली मार्ग पर एक पेट्रोल पंप पर छापा मारा। यहां से घटतौली पकड़ी गई। पुलिस ने बताया कि इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई है। शिवराजपुर-शिवली मार्ग पर इधना गांव के समीप स्थित एस्सार कंपनी के पेट्रोल पंप पर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ग्रामीणों की शिकायत की जांच के लिए पहुंचे। एक लीटर के केन में पेट्रोल भरवाया तो सिर्फ 9.20 लीटर पेट्रोल ही निकला, यानी 80 मिलीलीटर पेट्रोल कम निकला। एसओ ने बताया कि पेट्रोल पंप पर घटतौली की कई शिकायतें आईं थीं। जगदीशपुर गांव निवासी विकास कटियार ने बताया कि पांच लीटर की केन में डीजल ले गए थे जो आधा लीटर कम निकला। एसओ ने बताया कि जांच की वीडियोग्राफी कराकर व रिपोर्ट तैयार कर आलाधिकारियों को भेज दी गई है। वहीं पेट्रोल पंप के संचालक केएस मिश्रा के भतीजे अमित मिश्रा ने बताया कि पुलिस जांच के दौरान वह मौके पर ही थे, तेल की माप पांच लीटर के गैलेन में होती है, जबकि पुलिस अधिकारियों ने मात्र एक लीटर के पात्र में माप की, जिसमें पेट्रोल वाष्पन के कारण उड़ गया।

कानपुर के 17 पेट्रोल पंपों पर ताबड़तोड़ छापे 

petrol theft case from chip
पेट्रोल पंपों पर छापे, जांच करती क्राइम ब्रांच और बाट-माप विभाग
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल पंपों पर इलेक्ट्रॉनिक चिप से हो रही चोरी का खुलासा होने पर सोमवार को कानपुर शहर के 17 पेट्रोल पंपों पर छापे मारे गए। क्राइम ब्रांच, डीएसओ, बांट-माप विभाग और ऑयल कंपनियों के अफसरों की जांच में इन पेट्रोल पंपों पर कुछ नहीं मिला।
डीएसओ नीरज कनौजिया, एसपी क्राइम जितेंद्र श्रीवास्तव, बांट-माप अधिकारी आरपी सिंह और ऑयल कंपनियों के अफसरों के नेतृत्व में चार टीमों ने मशीन के टेक्नीशियन और फोर्स के साथ पेट्रोल पंपों पर छापेमारी शुरू की। पेट्रोल पंपों की मशीनें खुलवाकर टेक्नीशियन ने कई तरह से जांच की। एसपी क्राइम लखनऊ से व्हाट्स एप पर भेजी गई चिप डीएसओ और टेक्नीशियन को दिखाते हुए जांच कराई। जांच के दौरान कई पेट्रोल पंपों की बांट-माप विभाग की लगाई गई सील टूट गई। इसे दुबारा से लगाया गया। जिला आपूर्ति अधिकारी नीरज कनौजिया ने बताया कि जांच के दौरान किसी भी पेट्रोल पंप पर किसी तरह की अनियमितता या गड़बड़ी नहीं मिली है।
इन पेट्रोल पंपों पर हुई जांच
आयुषी फ्यूल मार्ट चुन्नीगंज, कानपुर आटो चुन्नीगंज, जैन मोटल्स माल रोड, श्री राम आटोमोबाइल, सरदार आटो मोबाइल, नाथ ब्रदर्स फजलगंज, किशोरी लाल योगेंद्र लाल फजलगंज, वर्मा आटोमोबाइल कल्याणपुर, एमके फ्यूल कंपनी बाग चौराहा, पैरागॉन परमट तिराहा, सिटी फ्यूल कल्याणपुर, सोहन सिंह इंद्रजीत सिंह गुमटी, वीका मोटर्स, पीआर मोटल्स जीटी रोड, प्रीमियर आटोमोबाइल अशोक नगर, ओबराय आटोमोबाइल स्वरूप नगर, अनिल कार फिल माल रोड
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