{"_id":"58e496e64f1c1b3c5e5b4701","slug":"dhenu-group-company-cheated-many-investors","type":"story","status":"publish","title_hn":"निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर भागी धेनु ग्रुप कंपनी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर भागी धेनु ग्रुप कंपनी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 05 Apr 2017 03:12 PM IST
विज्ञापन
डेमो पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर गाय के दूध से निर्मित प्रोडक्ट बनाने वाली धेनु ग्रुप नाम की कंपनी फरार हो गई। कंपनी के एजेंट की तहरीर पर कैंट पुलिस ने कंपनी के सीईओ समेत आठ लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। मामला यूपी के कानपुर शहर का है।
नौबस्ता के आवास विकास निवासी कृष्ण कांत अग्निहोत्री ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने माल रोड में क्लाइड हाउस स्थित धेनु ग्रुप कंपनी में नौकरी शुरू की। कंपनी गाय के दूध से निर्मित प्रोडक्ट बनाती है। साथ ही लोगों की चेन बनाकर उनसे निवेश कराती है। मुनाफा होने पर निवेशकों को अपनी एफडी (फिक्स्ड डिपोजिट) देती थी। कृष्णकांत के मुताबिक कंपनी के सीईओ देवेंद्र की बातों पर यकीन कर उन्होंने करीब 65 करोड़ रुपये कंपनी में जमा कराए थे। इसके बाद निवेशकों ने चेन बनाकर 150 करोड़ रुपये कंपनी में जमा कराए। सारा पैसा एफडी, आरडी के रुप में जमा कराया था।
सोमवार को निवेशक एफडी तोड़ने पहुंचे तो कंपनी में ताला लटका मिला। कृष्णकांत ने सीईओ समेत कंपनी के कई डायरेक्टरों को फोन किया, पर मोबाइल स्वीच ऑफ मिले। पुलिस ने कंपनी के सीईओ देवेंद्र प्रसाद तिवारी, डायरेक्टर धनंजय द्विवेदी, अनिल कुमार तिवारी, महेश शंकर शुक्ला, प्रदीप मिश्रा, ओम प्रकाश, राजकुमार दुबे समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके पहले इस मामले में किदवई नगर थाने में भी कंपनी के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नौबस्ता के आवास विकास निवासी कृष्ण कांत अग्निहोत्री ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने माल रोड में क्लाइड हाउस स्थित धेनु ग्रुप कंपनी में नौकरी शुरू की। कंपनी गाय के दूध से निर्मित प्रोडक्ट बनाती है। साथ ही लोगों की चेन बनाकर उनसे निवेश कराती है। मुनाफा होने पर निवेशकों को अपनी एफडी (फिक्स्ड डिपोजिट) देती थी। कृष्णकांत के मुताबिक कंपनी के सीईओ देवेंद्र की बातों पर यकीन कर उन्होंने करीब 65 करोड़ रुपये कंपनी में जमा कराए थे। इसके बाद निवेशकों ने चेन बनाकर 150 करोड़ रुपये कंपनी में जमा कराए। सारा पैसा एफडी, आरडी के रुप में जमा कराया था।
विज्ञापन
सोमवार को निवेशक एफडी तोड़ने पहुंचे तो कंपनी में ताला लटका मिला। कृष्णकांत ने सीईओ समेत कंपनी के कई डायरेक्टरों को फोन किया, पर मोबाइल स्वीच ऑफ मिले। पुलिस ने कंपनी के सीईओ देवेंद्र प्रसाद तिवारी, डायरेक्टर धनंजय द्विवेदी, अनिल कुमार तिवारी, महेश शंकर शुक्ला, प्रदीप मिश्रा, ओम प्रकाश, राजकुमार दुबे समेत आठ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इसके पहले इस मामले में किदवई नगर थाने में भी कंपनी के लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है।
विज्ञापन