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अपराधियों की ‘यूनिवर्सिटी’, लूटमार की क्लास

Thu, 11 Feb 2016 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Thu, 11 Feb 2016 02:01 AM IST
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Criminals' University, Class of robbery

डी-80 गैंग शहर के बेरोजगार आैर बिगड़ैल युवाओं को अपराध की ट्रेनिंग दे रहा है। इसके लिए बाकायदा क्लास लगती है। यह खुलासा किया है चेकिंग के दौरान कर्नलगंज पुलिस के हत्थे चढ़े डी-80 गैंग के चार गुर्गों ने। 

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गुर्गों ने बताया कि मादक पदार्थों, अवैध हथियार की तस्करी के साथ ही युवाओं के लिए पॉकेटमारी और लूट की पाठशाला शहर में चलाई जाती है। इसके अलावा गैंग के गुर्गों ने शहर ही नहीं आसपास के जिलों में भी लूटपाट और तस्करी का धंधा फैला रखा है।
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पकड़े गए शातिरों के पास से 28 मोबाइल, लैपटॉप, तमंचा, कारतूस, चार चोरी की बाइकें सहित अन्य माल बरामद हुआ है। पुलिस ने पकड़े गए चारों बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
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एसएसपी शलभ माथुर ने बुधवार को कमांड ऑफिस में प्रेसवर्ता कर बताया कि कर्नलगंज पुलिस मंगलवार रात को ऊंची सड़क पर वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन संदिग्ध युवक चेकिंग देखकर भागने लगे। पुलिस ने घेराबंदी करके बाइक सवार तीनों युवकों को दबोच लिया।

पूछताछ में तीनों ने अपना नाम कर्नलगंज छोटे मिया का हाता निवासी शहजादे, शराफत और शुक्लागंज गंगाघाट निवासी शफीक बताया है। तीनों शातिरों की निशानदेही पर पुलिस ने चौथे साथी तकिया पार्क निवासी सिमरोज को भी दबोच लिया।

पूछताछ के दौरान तीनों ने बताया कि स्मैक तस्करी और छतरपुर, मुंगेर की पिस्टल तस्करी का काम मंदा पड़ने पर अपने घर और अन्य ठिकानों पर पॉकेटमारी, लूट, चोरी का बेरोजगार युवकों को प्रशिक्षण देते हैं। गैंग के लीडर ट्रेनिंग के दौरान लड़कों को अपने सामने चलती बाइक से पर्स लूट, पॉकेटमारी सहित अन्य वारदातें करके दिखाते हैं।

गैंग के सदस्य शहर ही नहीं जयपुर, अजमेर, नई दिल्ली, मुंबई, नासिक, झांसी सहित अन्य राज्यों की रैलियों, बड़े धार्मिक आयोजन, शादी-बारातों, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन पर सक्रिय हैं। डी-80 गैंग को पुलिस ने 2009 में रजिस्टर्ड किया था। यह गैंग सात भाई मिलकर चलाते हैं। दो भाइयों शहजादे, शराफत को पकड़ लिया गया।

मंत्री के इशारे पर ‘ऑपरेशन बनारसी’
कानपुर।
सरकार के एक कद्दावर मंत्री तक रईस बनारसी की शिकायत पहुंचने केबाद पुलिस सक्रिय हुई है। ‘अमर उजाला’ ने खुलासा किया था कि एक विधायक के गुर्गों ने एक पार्षद की सुपारी रईस बनारसी को दी है।

इसके बाद पार्षद मंत्री तक पहुंच गए। अब रविवार से पुलिस और एसटीएफ ने शूटर रईस बनारसी की गिरफ्तारी के लिए अभियान चला रखा है।

कुछ समय पहले रईस की लोकेशन तलाक महल के आसपास मिल रही थी। सूत्रों के मुताबिक पार्षद को भी खतरे का अंदेशा हो रहा था जिसके बाद उसने सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री से अपनी चिंता बताई।


लखनऊ से आदेश आते ही जिला पुलिस रईस को गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय हो गई। रविवार से रईस के लिए छापेमारी चल रही है। पुलिस की टीम ने मंगलवार देर रात मछरिया में रईस के ठिकाने पर दबिश दी लेकिन हाथ नहीं लगा। इधर पार्षद ने भी निजी गनमैन रख लिए हैं। घर में सीसीटवी कैमरे लगवा दिए हैं।

मोनू पहाड़ी का भाई हाथ से फिसला
सूत्रों के मुताबिक शूटर मोनू पहाड़ी के भाई आशू की घेराबंदी के लिए पुलिस ने जाजमऊ और हीरामन पुरवा में दबिश दी थी लेकिन आशू पुलिस को चकमा देकर निकल गया। आशू ही रईस के लिए सभी साधन मुहैया कराता है। गैर जनपद जेल में बंद मोनू पहाड़ी के लिए वसूली का काम भी आशू ही देखता है।

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