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कानपुर: सीआईडी अफसर बता ली तलाशी, 5.15 लाख किए पार, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए शातिर
Sat, 31 Oct 2020 09:53 PM IST
शिखा पांडेय
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 31 Oct 2020 09:53 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : गूगल
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कानपुर में बिरहाना रोड पर शनिवार सुबह खुद को सीआईडी अफसर बताकर टप्पेबाजों ने एक कारोबारी के कर्मचारी के बैग की तलाशी ली और 5.15 लाख रुपये पार कर दिए। कर्मचारी ने जब बैंक पहुंच नकदी गिनी तो उसे टप्पेबाजी का पता चला।
वारदात को अंजाम देने वाले शातिर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। नयागंज निवासी उमंग कुमार चोकर का कारोबार करते हैं। बताया कि शनिवार को उन्होंने अपने कर्मचारी हरबंश मोहाल निवासी छोटू उर्फ रंजीत को 8.75 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक में जमा करने को दिए थे।
करीब 11 बजे वो पैसे जमा करने जा रहा था, तभी गोकुल ज्वैलर्स के सामने बाइक सवार दो युवक आए। उन्होंने खुद को सीआईडी का अधिकारी बताकर रंजीत और बैग की तलाशी लेने लगे। उसके बाद वहां से चले गए।
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कुछ देर बाद जब रंजीत बैंक पहुंचा तो देखा कि नकदी कम है। तब उसने उन्हें सूचना दी। पुलिस की पूछताछ में रंजीत ने बताया कि युवकों ने एक आईडी कार्ड भी दिखाया था। कलक्टरगंज इंस्पेक्टर राजेश पाठक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में टप्पेबाज कैद हुए हैं।
फुटेज और डाटा टावर डंप करवाकर टप्पेबाजों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। आशंका है कि कोई परिचित इसमें शामिल है, जिसे पता था कि रंजीत बैग में पैसे लेकर जा रहा है।
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वारदात को अंजाम देने वाले शातिर सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। नयागंज निवासी उमंग कुमार चोकर का कारोबार करते हैं। बताया कि शनिवार को उन्होंने अपने कर्मचारी हरबंश मोहाल निवासी छोटू उर्फ रंजीत को 8.75 लाख रुपये कोटक महिंद्रा बैंक में जमा करने को दिए थे।
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करीब 11 बजे वो पैसे जमा करने जा रहा था, तभी गोकुल ज्वैलर्स के सामने बाइक सवार दो युवक आए। उन्होंने खुद को सीआईडी का अधिकारी बताकर रंजीत और बैग की तलाशी लेने लगे। उसके बाद वहां से चले गए।
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कुछ देर बाद जब रंजीत बैंक पहुंचा तो देखा कि नकदी कम है। तब उसने उन्हें सूचना दी। पुलिस की पूछताछ में रंजीत ने बताया कि युवकों ने एक आईडी कार्ड भी दिखाया था। कलक्टरगंज इंस्पेक्टर राजेश पाठक ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में टप्पेबाज कैद हुए हैं।
फुटेज और डाटा टावर डंप करवाकर टप्पेबाजों को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। आशंका है कि कोई परिचित इसमें शामिल है, जिसे पता था कि रंजीत बैग में पैसे लेकर जा रहा है।