फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Corona positive patient dies in ambulance

कानपुर: कोरोना पॉजिटिव पिता को लेकर आठ घंटे भटकी बेटी, एंबुलेंस में मौत

Tue, 24 Nov 2020 11:25 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 24 Nov 2020 11:25 PM IST
विज्ञापन
Corona positive patient dies in ambulance
सांकेतिक तस्वीर
उत्तराखंड से कानपुर आए थे दीपावली की खुशियां मनाने लेकिन शहर की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की भेंट चढ़ गए। कोरोना संक्रमित बुजुर्ग पिता को लेकर बेटी आठ घंटे तक अस्पतालों के चक्कर लगाती रही। लेकिन किसी ने उन्हें भर्ती नहीं किया। पल-पल उनकी सांसें घटती रहीं।
विज्ञापन


ऑक्सीजन देने के समय उन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। निजी डायग्नोस्टिक्स ने हाथ नहीं लगाया और हैलट की राह दिखा दी। जब बेटी बीमार पिता को लेकर सोमवार को हैलट इमरजेंसी पहुंची तो एंबुलेंस में ही उनकी सांसें थम चुकी थीं।
विज्ञापन


इसके बाद डेथ सर्टिफिकेट न होने से शव को मोर्चुरी में रखवाने के लिए भी बेटी को दो घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। सीएमओ के निर्देश पर शव रखा गया तो फिर मंगलवार को भैरो घाट पर दिक्कत खड़ी हो गई। बाद में अंतिम संस्कार कराने के लिए सीएमओ डॉ. अनिल कुमार मिश्रा को घाट पहुंचना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


आकाशवाणी के सेवानिवृत्त स्पेशल डायरेक्टर सतीशचंद्र माथुर आठ नवंबर को देहरादून से कार चलाकर पत्नी के साथ दीपावली मनाने कानपुर आए थे। बेटी अनुराधा ने बताया कि वे लोग हर्ष नगर, कानपुर के रहने वाले हैं लेकिन अब सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में रहते हैं।

यशोदा नगर में रहने वाले एक रिश्तेदार बीमार हैं। उन्हें देखने आना भी मकसद था। पिता को दो दिन से बुखार आ रहा था। रविवार को निजी पैथोलॉजी में कोरोना जांच के लिए सैंपल दिया गया। रात में उनकी सांस फूलने लगी।

गोविंद नगर के एक निजी कोविड अस्पताल में फोन करने पर बताया गया कि रिपोर्ट आ जाए तो मरीज को ले आइएगा। सोमवार को तबीयत अधिक बिगड़ी तो बेटी सुबह आठ बजे एंबुलेंस से पिता को लेकर गोविंद नगर पहुंची।

लेकिन लैब से कोरोना रिपोर्ट न मिल पाने से अस्पताल वालों ने सर्वोदय नगर स्थित अपनी मुख्य शाखा भेज दिया। जहां जांच में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। फिर गोविंद नगर लौटने पर अस्पताल वालों ने इंश्योरेंस के बारे में पूछा।

बेटी के मुताबिक जब उन्होंने पिता को सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) का लाभार्थी बताया तो उन्हें बेड फुल होने की जानकारी दी गई। बताया गया कि एक प्रशासनिक अधिकारी का मरीज आ गया है।

फिर कुछ देर बाद कहा गया कि बेड खाली करवाया जा रहा है तब तक सीटी स्कैन करा लीजिए। बर्रा सीटी स्कैन कराने जाने पर वहां किसी ने हाथ नहीं लगाया। कहा गया कि मरीज की हालत नाजुक है, हैलट में सीटी स्कैन करा लीजिए। बेटी के अनुसार सोमवार शाम पांच बजे हैलट में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

कोविड रिपोर्ट न होने से मरीज को निजी अस्पताल की दोनों शाखाओं में भर्ती नहीं किया गया। इससे हालत बिगड़ गई। अस्पताल की दोनों शाखाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। जवाब के बाद कार्रवाई तय की जाएगी। नॉन कोविड अस्पतालों में भी होल्डिंग एरिया की व्यवस्था है। मरीज को वहां इलाज दिया जा सकता था। - डॉ. अनिल कुमार मिश्रा, सीएमओ


मरीज मृत आए तो ब्रॉट डेड का सर्टिफिकेट दें
सीएमओ के मुताबिक किसी अस्पताल में मृत अवस्था में मरीज के आने पर ब्रॉट डेड का सर्टिफिकेट दिया जाए।  इस संबंध में हैलट प्रबंधन को पत्र लिखा जा रहा है। साथ ही अन्य अस्पतालों को भी नोटिस भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed