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चित्रकूट: ग्रामोदय विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत, राज्यपाल लालजी टंडन ने बांटी उपाधि
Wed, 04 Mar 2020 03:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 04 Mar 2020 03:56 PM IST
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ग्रामोदय विश्वविद्यालय का आठवां दीक्षांत
- फोटो : अमर उजाला
चित्रकूट में महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति लालजी टंडन ने जब मेधावियों को उपाधि व मेडल बांटे तो उनके चेहरे खुशी से चमक उठे। विवि में बुधवार को 42 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 121 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि एवं स्नातक-परास्नातक स्तर के विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की।
बुधवार राज्यपाल लालजी टंडन दीक्षांत समारोह में पहुंचे। पहले उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल की बैठक की। इसके बाद दीक्षांत समारोह में कहा कि व स्नातक उपाधि धारकों को उन्हें अपने पास उपलब्ध ज्ञान-विज्ञान और तकनीक का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए कि वह देश के नवनिर्माण में भी भागीदारी बन सकें।
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बुधवार राज्यपाल लालजी टंडन दीक्षांत समारोह में पहुंचे। पहले उन्होंने ग्रामोदय विश्वविद्यालय प्रबंध मंडल की बैठक की। इसके बाद दीक्षांत समारोह में कहा कि व स्नातक उपाधि धारकों को उन्हें अपने पास उपलब्ध ज्ञान-विज्ञान और तकनीक का उपयोग इस प्रकार करना चाहिए कि वह देश के नवनिर्माण में भी भागीदारी बन सकें।
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उन्होंने देश के अनेक महापुरुषों के जीवन दर्शन का वर्णन करते हुए कहा की विद्वानों ने भारत के ज्ञान के बल पर दुनिया में देश की पहचान बनाई है। उन्होेंने भारत रत्न नानाजी देशमुख के कार्यों के साथ अपने जुड़ाव और अनुभव को साझा करते हुए कहा कि नानाजी इस विश्वविद्यालय के परिकल्पना और संस्थापक है। पद्मश्री प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने अपने दीक्षांत मार्गदर्शन में कहा कि उपाधि प्राप्त कर्ताओं को मेहनत श्रद्धा और इमानदारी के साथ अपना काम करना चाहिए।
कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद गौतम ने स्वागत उद्बोधन करते हुए विश्वविद्यालय के कार्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर गौतम ने नव स्नातकों को शपथ दिलाई। कुलसचिव डा. राकेश कुमार चौहान दीक्षांत समारोह के प्रावधानों के अंतर्गत कुलाधिपति से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम प्रारंभ करने एवं समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का प्रारंभ विद्वत यात्रा के दीक्षांत मंच में पहुंचने के साथ हुआ। इसके पूर्व राज्यपाल ने पुरुष छात्रावास का शिलान्यास और सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ व बीएफए . एमएफए के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आकर्षक फ ोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद गौतम ने स्वागत उद्बोधन करते हुए विश्वविद्यालय के कार्यों और गतिविधियों पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर गौतम ने नव स्नातकों को शपथ दिलाई। कुलसचिव डा. राकेश कुमार चौहान दीक्षांत समारोह के प्रावधानों के अंतर्गत कुलाधिपति से अनुमति प्राप्त कर कार्यक्रम प्रारंभ करने एवं समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का प्रारंभ विद्वत यात्रा के दीक्षांत मंच में पहुंचने के साथ हुआ। इसके पूर्व राज्यपाल ने पुरुष छात्रावास का शिलान्यास और सचल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ व बीएफए . एमएफए के विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई आकर्षक फ ोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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डॉ. वन्दना ने किया पुस्तक का विमोचन
दीक्षांत समारोह मंच से एसोसिऐट प्रोफेसर डॉ. वंदना पाठक द्वारा लिखित केमिस्ट्री टेक्निक्स पुस्तक का विमोचन पुरातन छात्र कांग्रेस विधायक इं नीलांशु चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम में अनामिका दुबे यूपीपीएससी की सहायक प्राध्यापक इतिहास परीक्षा में प्रथम स्थान पाने व इं. शुभम मिश्रा द्वारा सॉफ्टवेयर स्टार्टअप के सफल क्रियांवयन के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया।
शोध उपाधि प्राप्त करने पहुंचे डा. दीपक राय भोपाल ने अपनी स्व लिखित सोशल मीडिया पुस्तक समर्पित किया। एमएफए के छात्र संगम सागर ने राज्यपाल की हस्त निर्मित व्यक्ति चित्र का निर्माण कर उन्हें समर्पित किया। कार्यक्त्रस्म का संचालन उप कुलसचिव डा. कुसुम कुमारी सिंह ने किया। दीक्षांत उद्बोधन राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद बंगलोर के चेयरमैन पद्मश्री प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने दिया। स्नातकों को दीक्षांत शपथ कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम ने दिलाई। कुलसचिव डा. राकेश कुमार चौहान ने दीक्षांत समारोह का संचालन किया।
दीक्षांत समारोह मंच से एसोसिऐट प्रोफेसर डॉ. वंदना पाठक द्वारा लिखित केमिस्ट्री टेक्निक्स पुस्तक का विमोचन पुरातन छात्र कांग्रेस विधायक इं नीलांशु चतुर्वेदी ने किया। कार्यक्रम में अनामिका दुबे यूपीपीएससी की सहायक प्राध्यापक इतिहास परीक्षा में प्रथम स्थान पाने व इं. शुभम मिश्रा द्वारा सॉफ्टवेयर स्टार्टअप के सफल क्रियांवयन के लिए सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया।
शोध उपाधि प्राप्त करने पहुंचे डा. दीपक राय भोपाल ने अपनी स्व लिखित सोशल मीडिया पुस्तक समर्पित किया। एमएफए के छात्र संगम सागर ने राज्यपाल की हस्त निर्मित व्यक्ति चित्र का निर्माण कर उन्हें समर्पित किया। कार्यक्त्रस्म का संचालन उप कुलसचिव डा. कुसुम कुमारी सिंह ने किया। दीक्षांत उद्बोधन राष्ट्रीय प्रत्यायन एवं मूल्यांकन परिषद बंगलोर के चेयरमैन पद्मश्री प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने दिया। स्नातकों को दीक्षांत शपथ कुलपति प्रोफेसर नरेश चंद्र गौतम ने दिलाई। कुलसचिव डा. राकेश कुमार चौहान ने दीक्षांत समारोह का संचालन किया।