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सर्दी का सितम: शीत लहर ने गलन बढ़ाई, 10 रोगियों ने जान गंवाई, ठंड से बचाव की जरूरत

Sun, 19 Dec 2021 07:16 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 19 Dec 2021 07:16 PM IST
सार

ठंड बढ़ने के साथ-साथ हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके साथ ही मौतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।

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cold wave, death of eight patients in kanpur
ठंड का कहर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शीत लहर ने गलन बढ़ा दी है। ठंड सांस तंत्र, नसों और हृदय रोगियों पर भारी पड़ रही है। नसों के सिकुड़ने से रक्त का प्रवाह बाधित हो रहा है। इससे हार्ट अटैक और ब्रेन अटैक के केस बढ़ रहे है। साथ ही सांस तंत्र के पुराने रोगियों की मौत हो रही है।
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रविवार को शहर अलग-अलग हिस्सों में 10 और रोगियों की मौत हो गई। छह रोगियों की अस्पताल पहुंचने के पहले ही सांस टूट गई। हैलट में गंभीर रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया है। उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगी भर्ती हो रहे हैं।
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इसके अलावा गुर्दा, लिवर और न्यूरो के रोगियों की भी तबीयत बिगड़ गई है। रविवार को बर्रा के रहने वाले जगदंबा प्रसाद (70) की मौत हो गई। उन्हें मधुमेह और सांस बीमारी थी। इसी क्षेत्र की रमा देवी (67) की मौत हो गई। उनका सीओपीडी का इलाज चल रहा था।
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परिजनों ने बताया कि ठंड लगने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। इसी तरह चकेरी के देवी प्रसाद (65) की हार्टअटैक से मौत हुई है। उनका इलाज पहले से रामादेवी के अस्पताल में चल रहा था। उनके बेटे विनोद ने बताया कि उनकी हाथों की उंगलियां नीली पड़ गई थीं।

साथ ही सीने में तेज दर्द हुआ। चमनगंज की अफसरी बानो (55) की सुबह हालत बिगड़ी कॉर्डियोलॉजी ले जाते वक्त मौत हो गई। उनका यहां पहले से इलाज चल रहा था। इसी तरह नवाबगंज के राजेश गुप्ता (55) की हार्ट अटैक से मौत हो गई।

कल्याणपुर के रहने वाले जीत वर्मा ने बताया कि उनके पिता प्रहलाद (68) को सुबह हल्की बेहोशी आई थी। उन्हें लेकर अस्पताल जाने लगे, तब तक सांस टूट गई। उन्हें पिछले महीने पेसमेकर लगा था। इसी लक्षण के साथ रावतपुर के विनोद (67) की मौत हुई।
 

परिजन उन्हें लेकर कॉर्डियोलॉजी आए थे, लेकिन डॉक्टरों ने ब्रॉट डेड घोषित कर दिया। ग्वालटोली के प्रकाश वैश्य (69) का दो दिन से ब्लडप्रेशर अनियंत्रित रहा। रविवार तड़के चक्कर खाकर गिर पड़े। परिजन उन्हें क्षेत्र के अस्पताल ले गए। उनकी नाक से ब्लीडिंग हो रही थी।

कुछ देर बाद मौत हो गई। कॉर्डियोलॉजी में देररात दो और हार्टअटैक के रोगी ब्रॉट डेड आए। उनकी मौत रास्ते में ही हो गई थी। आर्यनगर के लोकनाथ (70) की रात में तबीयत बिगड़ी और थोडी देर में मौत हो गई।
 

परिजनों ने बताया कि डेढ़ साल पहले एसजीपीजीआई में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। इसी तरह ककवन के अनंत (65) की मौत हुई है। वह कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की चपेट में आ गए थे। इसके बाद से उनका बीपी अनियंत्रित रहा था।

पुराने रोगी बरतें एहतियात
डॉक्टरों का कहना है कि लोग ठंड से बचाव करें। खासतौर पर जो पुराने रोगी हैं, वे एहतियात बरतें। सर्द-गर्म से एक्सपोजर होगा। इससे दिक्कत हो सकती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार ने बताया कि पुराने रोगी अपने डॉक्टरों से दवा की डोज दुरुस्त करा लें। ठंड से बचाव रखें।
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