15 लाख के सिक्कों का नहीं मिल रहा कोई वारिस, नोटबंदी के कुछ दिनों बाद बस से हुए थे बरामद
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इटावा के बकेवर में नोटबंदी के बाद ट्रैवल्स की बस से डेढ़ साल पहले पकड़े गए 15 लाख से अधिक के सिक्कों का पुलिस को वारिस नहीं मिल सका है। बकेवर थाना पुलिस ने नवंबर 2017 में बकेवर बाईपास पर कानपुर से दिल्ली जा रही ट्रैवल्स की बस में 54 बोरियों भरे एक, दो और पांच रुपये के सिक्के बरामद किए थे।
गिनती करने पर सिक्के 15 लाख 39 हजार रुपये के निकले थे। पुलिस ने बस के चालक, हेल्पर और हंस ट्रैवल्स के मालिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने चालक व परिचालक को जेल भेज दिया था। सिक्के अभी भी थाने के मालखाने में रखे हैं।
पुलिस इतने समय में सिक्के ले जाने वाले का पता नहीं लगा पाई
एसआई संजय शर्मा ने बताया कि कानपुर के कुछ लोगों ने फोन से जानकारी ली। सिक्कों के मालिकाना हक को लेकर कोर्ट के माध्यम से अगले सप्ताह कुछ लोग दावा कर सकते हैं। सिक्को के दावेदार सामने आने पर ही इस बात का पता चल सकेगा कि किस उद्देश्य से सिक्कों को ले जाया जा रहा था।
सिक्के थाने के मालखाना में अभी भी असली मालिक के इंतजार में लावारिस पड़े हैं
पकड़ी गई बस को तो थाना पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर चालक की सुपुर्दगी में छोड़ दिया था लेकिन सिक्के थाने के मालखाना में अभी भी असली मालिक के इंतजार में लावारिस पड़े हैं। करीब 15 माह पूर्व 22 नवंबर 2017 को बकेवर थाना पुलिस ने बकेवर बाईपास हाईवे पर कानपुर से दिल्ली जा रही एक ट्रैवल्स की डग्गामार बस को पकड़ा था। बस में सवारियों के अलावा 50 से अधिक बोरियों में एक रुपये से लेकर दस रुपये तक के सिक्के बरामद हुए थे। सिक्के 15 लाख 39 हजार रुपये के थे। इनका कुल वजन 31 क्विंटल 51 किग्रा था। जो दिल्ली ले जाए जा रहे थे।