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विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर कोचिंग संचालक ने की लाखों की ठगी, पीड़ित बोला- खेत पर लोन ले दी थी रकम
Thu, 21 Jan 2021 07:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 21 Jan 2021 07:49 PM IST
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ठगी
- फोटो : अमर उजाला
विदेश में मर्चेंट नेवी में नौकरी लगवाने के नाम पर एक कोचिंग संचालक ने तीन छात्रों से लाखों रुपये हड़प लिए। एक छात्र के पिता ने खेत पर लोन लेकर अपने बेटे और उसके दोस्त के पैसे दिए थे। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस की जांच में आरोप सही पाए गए। डीआईजी की संस्तुति होते ही कोचिंग संचालक पर एफआईआर दर्ज होगी।
जौनपुर के उचनीकला गांव निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि सन् 2018 में चेन्नई की एक अकादमी से उनके साथ वाराणसी निवासी अश्विनी सिंह और कानपुर के शुभम गौर ने भी मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग की थी। प्लेसमेंट की जब बात आई तो शुभम ने बताया कि कानपुर स्थित एक कोचिंग संचालक प्लेसमेंट करवाता है।
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जौनपुर के उचनीकला गांव निवासी विक्रम सिंह ने बताया कि सन् 2018 में चेन्नई की एक अकादमी से उनके साथ वाराणसी निवासी अश्विनी सिंह और कानपुर के शुभम गौर ने भी मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग की थी। प्लेसमेंट की जब बात आई तो शुभम ने बताया कि कानपुर स्थित एक कोचिंग संचालक प्लेसमेंट करवाता है।
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अप्रैल 2019 में सभी गुमटी स्थित कोचिंग के संचालक से मिले। कुछ रकम देने के बाद सभी को गुजरात की एक शिपिंग कंपनी में चार हजार रुपये पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी दिलाई। इसकी जानकारी गुजरात पहुंचने पर हुई तो तीनों ने नौकरी करने से इंकार कर दिया।
तब कोचिंग संचालक ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर तीनों से कुल आठ लाख दस हजार रुपये वसूले। हालांकि नौकरी नहीं लगवाई। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि फजलगंज पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट डीआईजी दफ्तर भेज दी गई है।
खेत पर लोन ले दी थी रकम
विक्रम सिंह के पिता कुंवर साहब किसान हैं। विक्रम के मुताबिक पिता ने नौकरी के लिए उसका और अश्विनी का भी पैसा दिया था। इसके लिए उन्होंने खेत पर लोन लिया था। वह दो साल से लोन की किश्तें चुका रहे हैं। नौकरी मिली नहीं, कर्जदार भी हो गए।
तब कोचिंग संचालक ने विदेश में नौकरी लगवाने के नाम पर तीनों से कुल आठ लाख दस हजार रुपये वसूले। हालांकि नौकरी नहीं लगवाई। एसपी साउथ दीपक भूकर ने बताया कि फजलगंज पुलिस ने जांच पूरी कर ली है। रिपोर्ट डीआईजी दफ्तर भेज दी गई है।
खेत पर लोन ले दी थी रकम
विक्रम सिंह के पिता कुंवर साहब किसान हैं। विक्रम के मुताबिक पिता ने नौकरी के लिए उसका और अश्विनी का भी पैसा दिया था। इसके लिए उन्होंने खेत पर लोन लिया था। वह दो साल से लोन की किश्तें चुका रहे हैं। नौकरी मिली नहीं, कर्जदार भी हो गए।