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अपहर्ताओं से बचा बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 28 Jun 2016 01:16 AM IST
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सीआईडी ने तेजेंद्र और चंद्र को नार्को के लिए बुलाया तो दोनों ने जांच से ऐन पहले मना कर दिया।
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कानपुर। फतेहपुर के चखेड़ी गांव निवासी कक्षा पांच का छात्र शहबाज (11) अपनी सूझबूझ से अपहर्ताओं के चंगुल से छूटकर पुलिस के पास पहुंच गया। सोमवार शाम बेकनगंज थाने की सद्भावना चौकी के सामने से गुजरते वक्त शहबाज एक सिपाही को देखकर चीखा कि पुलिस अंकल मुझे बचा लो। बस फिर क्या था, सिपाही राजकिशोर शुक्ला शहबाज को लेकर रिक्शे से जा रहे 60 वर्षीय मुशर्रफ पर झपट पड़ा और फिर पब्लिक की मदद से अपहर्ता को दबोच लिया गया।
पुलिस ने बताया कि सउदी अरब में कार ड्राइवर सियाज अहमद का बेटा शहबाज दोपहर के वक्त गांव के पास घूम रहा था, तभी चमनगंज निवासी मुशर्रफ ने उस पर नशीला स्प्रे छिड़का और उसे कार में डाल लिया। कार में तीन नकाबपोश और भी बैठे हुए थे। कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसने खुद को किसी ट्रेन के टॉयलट में बंद पाया। कानपुर सेंट्रल आने पर मुशर्रफ ने अपने साथियों को वहीं छोड़ा और उसे लेकर रिक्शे से चल दिया। इसी बीच रास्ते में पुलिस को देख शहबाज चीख पड़ा। शहबाज ने बताया कि मुशर्रफ बार बार कह रहा था कि बस एक घंटे बाद उसे छोड़ देगा। शहबाज के मुताबिक उसकी जेब में 50 रुपये थे जिससे मुशर्रफ ने घंटाघर के पास शराब पी ली थी। मुशर्रफ ने पुलिस से बताया कि वह फतेहपुर लाला बाजार अपने काम से गया था। वहां शहबाज उसे स्टेशन पर मिला और उससे कानपुर ले चलने को कहा तो वह उसे लेकर आ गया। थानाध्यक्ष अब्दुल रहमान का कहना है कि मामला फतेहपुर पुलिस को सौंप दिया जाएगा। सद्भावना चौकी पहुंचे शहबाज के यशोदानगर निवासी रिश्तेदार नबी और अयूब ने बताया कि सियाज और उनके दो भाईयों के बीच शहबाज अकेली औलाद है, परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी अच्छी है।
फिरौती के लिए था फोन नंबरः शहबाज की माने तो मुशर्रफ ने उससे अम्मी अनीशा का मोबाइल नंबर भी लिया था। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि वह फिरौती के लिए फोन करने वाला हो।
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युवती को अगवा करने की कोशिश
कानपुर साउथ। किदवई नगर में कारोबारी के ड्राइवर ने पता पूछने का बहाना कर युवती से छेड़खानी की। विरोध करने पर युवती को कार में खींचने की कोशिश की। युवती के शोर मचाने आस-पास के लोग और राहगीर जुटे। इसके बाद भीड़ ने ड्राइवर को कार से खींचकर पीट पुलिस को सौंप दिया।
इंस्पेक्टर का कहना है कि युवती के तहरीर देने से इनकार कर दिया है।
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पुलिस ने बताया कि सउदी अरब में कार ड्राइवर सियाज अहमद का बेटा शहबाज दोपहर के वक्त गांव के पास घूम रहा था, तभी चमनगंज निवासी मुशर्रफ ने उस पर नशीला स्प्रे छिड़का और उसे कार में डाल लिया। कार में तीन नकाबपोश और भी बैठे हुए थे। कुछ देर बाद जब उसे होश आया तो उसने खुद को किसी ट्रेन के टॉयलट में बंद पाया। कानपुर सेंट्रल आने पर मुशर्रफ ने अपने साथियों को वहीं छोड़ा और उसे लेकर रिक्शे से चल दिया। इसी बीच रास्ते में पुलिस को देख शहबाज चीख पड़ा। शहबाज ने बताया कि मुशर्रफ बार बार कह रहा था कि बस एक घंटे बाद उसे छोड़ देगा। शहबाज के मुताबिक उसकी जेब में 50 रुपये थे जिससे मुशर्रफ ने घंटाघर के पास शराब पी ली थी। मुशर्रफ ने पुलिस से बताया कि वह फतेहपुर लाला बाजार अपने काम से गया था। वहां शहबाज उसे स्टेशन पर मिला और उससे कानपुर ले चलने को कहा तो वह उसे लेकर आ गया। थानाध्यक्ष अब्दुल रहमान का कहना है कि मामला फतेहपुर पुलिस को सौंप दिया जाएगा। सद्भावना चौकी पहुंचे शहबाज के यशोदानगर निवासी रिश्तेदार नबी और अयूब ने बताया कि सियाज और उनके दो भाईयों के बीच शहबाज अकेली औलाद है, परिवार की आर्थिक स्थिति भी काफी अच्छी है।
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फिरौती के लिए था फोन नंबरः शहबाज की माने तो मुशर्रफ ने उससे अम्मी अनीशा का मोबाइल नंबर भी लिया था। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि वह फिरौती के लिए फोन करने वाला हो।
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युवती को अगवा करने की कोशिश
कानपुर साउथ। किदवई नगर में कारोबारी के ड्राइवर ने पता पूछने का बहाना कर युवती से छेड़खानी की। विरोध करने पर युवती को कार में खींचने की कोशिश की। युवती के शोर मचाने आस-पास के लोग और राहगीर जुटे। इसके बाद भीड़ ने ड्राइवर को कार से खींचकर पीट पुलिस को सौंप दिया।
इंस्पेक्टर का कहना है कि युवती के तहरीर देने से इनकार कर दिया है।