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कोरोना का बदला मिजाज, मास्क पहन निकलें, रोगी पहली बार में नहीं हो रहे निगेटिव, तेजी से उभर रहे लक्षण
Sat, 06 Jun 2020 10:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 06 Jun 2020 10:10 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश में कानपुर सहित आसपास के जिलों में कोरोना का मिजाज अब सख्त हो रहा है। इसके साथ ही जून में कोरोना के लक्षण रोगियों में बढ़ रहे हैं। जिन रोगियों का इलाज चल रहा है उनकी निगेटिव रिपोर्ट आने में भी देरी हो रही है। लॉकडाउन में ढील और प्रवासियों के आने से कोरोना के संक्रमण का फैलाव तेज हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में कोरोना से बचना है तो बाहर निकलें तो एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें। चेहरे पर मास्क का कवच चढ़ाए रखें। इस बीच साइलेंट कैरियर की भी संख्या बढ़ रही है। बर्रा, सुजातगंज के बाद ग्वालटोली का तीसरा रोगी रहा है जिसमें कोरोना के सांस फूलने वाले विशेष लक्षण रहे हैं और मौत हो गई।
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विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे में कोरोना से बचना है तो बाहर निकलें तो एक-दूसरे से दूरी बनाए रखें। चेहरे पर मास्क का कवच चढ़ाए रखें। इस बीच साइलेंट कैरियर की भी संख्या बढ़ रही है। बर्रा, सुजातगंज के बाद ग्वालटोली का तीसरा रोगी रहा है जिसमें कोरोना के सांस फूलने वाले विशेष लक्षण रहे हैं और मौत हो गई।
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ग्वालटोली के रोगी को जब लाया गया तो खांसी और बुखार भी नहीं रहा है, सिर्फ सांस फूल रही थी। ये संकेत कोरोना के विशेष लक्षण होने के हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे संक्रमण के बचाव के लिए विशेष सावधानी की जरूरत है। इसके अलावा हैलट समेत कई स्थानों पर इलाज करा रहे रोगियों के निगेटिव होने में भी वक्त लग रहा है।
शुरुआत में सीएचसी सरसौल और हैलट में सात दिन के अंदर रोगी निगेटिव हो गए थे लेकिन अब स्थिति बदली हुई है। रोगियों की दो-तीन बार रिपीट जांच पॉजिटिव आ रही है। प्रवासियों के लौटने के बाद स्थिति में अधिक बदलाव आया है। पॉजिटिव रोगियों में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं।
इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि पहले अधिकतर रोगी बिना लक्षण वाले आते थे लेकिन अब सांस फूलने और कमजोरी की शिकायत रोगियों में बढ़ रही है। कोरोना का संक्रमण गहरा रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा और सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। घर में भी मास्क पहनें और बाहर निकलने पर दूरी बनाकर चलें।
शुरुआत में सीएचसी सरसौल और हैलट में सात दिन के अंदर रोगी निगेटिव हो गए थे लेकिन अब स्थिति बदली हुई है। रोगियों की दो-तीन बार रिपीट जांच पॉजिटिव आ रही है। प्रवासियों के लौटने के बाद स्थिति में अधिक बदलाव आया है। पॉजिटिव रोगियों में कोरोना के लक्षण मिल रहे हैं।
इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि पहले अधिकतर रोगी बिना लक्षण वाले आते थे लेकिन अब सांस फूलने और कमजोरी की शिकायत रोगियों में बढ़ रही है। कोरोना का संक्रमण गहरा रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा और सीएमओ डॉ. अशोक शुक्ला का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी है। घर में भी मास्क पहनें और बाहर निकलने पर दूरी बनाकर चलें।