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UP: वरिष्ठ लिपिक की आत्महत्या मामले में चेयरमैन पति ने रखा पक्ष, कहा- नौकरी जाने और रिकवरी के डर से दी जान

Wed, 01 Oct 2025 11:07 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 01 Oct 2025 11:07 PM IST
सार

घटना के पांच दिन बाद सोशल मीडिया पर चेयरमैन पति कुलदीप गुप्ता ने अपना पक्ष रखा। डीएम-एसएसपी से स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।

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Chairman's husband defends senior clerk suicide case, says he took his own life due to fear of job loss
चेयरमैन के पति कुलदीप उर्फ संटू गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव के यमुना में कूदने के पांच दिन बाद बुधवार रात आरोपी चेयरमैन के पति कुलदीप उर्फ संटू गुप्ता ने सोशल मीडिया के जरिए अपना पक्ष रखा। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। वायरल वीडियो में कहा कि राजीव यादव की मौत का उन्हें भी दुख है। आरोप लगाया कि राजीव यादव की सर्विस बुक में स्थायी नौकरी पाने का कोई आदेश संलग्न नहीं है। नौकरी जाने और रिकवरी होने के डर से सुनियोजित ढंग से राजीव यादव ने जान दी है। पूर्व चेयरमैन ने कुछ कागजात भी फेसबुक पर अपलोड किये हैं।
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सात मिनट 20 सेकेंड के वीडियो में कुलदीप गुप्ता ने बताया कि कुछ लोगों की राजनीतिक द्वेष के कारण हम लोगों को फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डीएम-एसएसपी से उनका आग्रह है कि किसी एजेंसी से इस मामले की जांच कराई जाए। ताकि जनता के सामने सच्चाई सामने आ सके। राजीव यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ व्यक्तिगत रिट दायर की थी। इसमें कोर्ट ने आदेश दिया था कि दो माह में प्रकरण को निपटा दिया जाए।
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इस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने एक कमेटी गठित कर दी थी ताकि हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराया जा सके। बताया कि इसकी जांच की जा रही थी। अभी तक नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से उन पर कोई कार्रवाई भी नहीं की गई। आरोप लगाया कि राजीव यादव नगर पालिका अध्यक्ष पर पदोन्नति का दबाव डाल रहे थे। ताकि उन्हें सेवानिवृत्त होने पर अच्छा ऐरियर मिल सके। कुलदीप गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष ने राजीव यादव को बताया था कि यह पद सेंट्रलाइज है, इसलिए उन्हें पदोन्नति नहीं दी जा सकती। आरोप लगाया कि इस पर राजीव यादव ने नगर पालिका अध्यक्ष को फंसाने की धमकी दी थी। बताया कि हाईकोर्ट में अवमानना की शिकायत करने से पहले एक शासन में शिकायत की थी। इसका निस्तारण 19 फरवरी 2025 में निस्तारण कर गया था। उस समय ईओ के पद पर विनय मणी त्रिपाठी तैनात थे। लेकिन वह 1986 से अपनी नियुक्ति मान रहे हैं। उनकी सर्विस बुक में नियुक्ति का कोई आदेश नहीं हैं। जांच कमेटी का गठन किया गया था।
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उन्होंने क्यों ऐसा किया, वह लेटर उन्हें एक सप्ताह पहले दिखाया था तब उसमें तारीख नहीं थी। यह तारीख साजिश के तहत डाली गई। राजीव यादव ने अपना वेतन डालने की बात अध्यक्ष से कही थी जिसपर अध्यक्ष ने कहा था जिस दिन सभी कर्मचारियों का वेतन डलेगा उस दिन आपका भी डल जाएगा। अफसोस हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। उनकी नियुक्ति की जांच करवाई जाए, आखिर नियुक्ति हुई कैसे थी इसकी जांच होनी चाहिए। पूर्व चेयरमैन ने कहा कि राजीव यादव को लग रहा था कि उनकी नियुक्ति में गड़बड़ है। एक तरफ वह अपनी नियुक्ति 1986 से मान रहे हैं। एक तरफ वो कह रहे हैं कि उनकी नियुक्ति 2000 में हुई हैं एक जगह कह रहे हैं 2002 में हुई है। इस संबंध में उनकी हाईकोर्ट से रिट खारिज हो गई। पूर्व चेयरमैन ने डीएम और एसएसपी से गुहार लगाई कि इसकी स्पष्ट जांच करा लें। उनकी मृत्यु होने का मुख्य कारण यही है कि उनके बच्चे की नौकरी मिल जाएगी, करोड़ों रुपए की रिकवरी नहीं होगी। इसी के चलते उन्होंने ईओ ,चेयरमैन सहित हम लोगों को फंसाया हैं।

पालिका कर्मचारी की आत्महत्या मामले में पूर्व मंत्री ने सपा को घेरा
नगर पालिका के कर्मचारी राजीव यादव की आत्महत्या के मामले में सोमवार को पूर्व मंत्री अशोक यादव ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सपा के मुखिया अभी तक कर्मचारी के घर सांत्वना देने नहीं आए। यदि सपा मुखिया खुद परिवार की पीड़ा नहीं सुनेंगे तो मुझे विधानसभा में उतरकर लोगों की लड़ाई लड़नी पड़ेगी।

पूर्व मंत्री अशोक यादव बुधवार को राजीव यादव के घर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मैं राजनीतिक नहीं सामाजिक बात कर रहा हूं। इटावा को महत्व नहीं मिल रहा है। आज के समय में सैफई ऊपर है। इटावा को सपा ने दोयम दर्जे पर लाकर खड़ा कर दिया है। इटावा को अपना स्थान मिलना चाहिए।


उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के लिए मैं आज यहां पर किसी से अपील करने नहीं आया हूं बल्कि परिवार और आप सभी को यह बताने आया हूं कि मैं इस परिवार के साथ खड़ा हूं। यह पीड़ित परिवार का नहीं मेरा मामला है। उन्होंने अपनी अधिवक्ता बेटी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी बेटी सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही है। इस केस पर जब बेटी से बात हुई तो उसने कहा कि इस मामले में धाराएं बढ़ाईं जा सकतीं हैं। इसलिए पीड़ित परिवार की यह न्याय और सामाजिक लड़ाई अशोक यादव लड़ेगा। इस मौके पर सर्वजन सुखाय के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद यादव, डॉ. कैलाश यादव, आकाश यादव आदि मौजूद रहे।
 
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