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हड़ताल से कानपुर में मचा हाहाकार

Fri, 02 Sep 2016 03:01 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Fri, 02 Sep 2016 03:01 PM IST
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central government employes strike in kanpur
सीअाेडी कानपुर में प्रदर्शन करते हड़ताली कर्मचारी
ट्रेड यूनियनों की देशव्यापी हड़ताल के कारण शुक्रवार काे कानपुर में हाहाकार मच गया। चाराें तरफ हुए हड़ताल ने लाेगाें काे इस कदर परेशान किया कि लाेग घराें से निकलने में भी घबराने लगे। हड़ताली कर्मचारियाें ने सड़काें पर खुलेअाम तांडव किया। दादानगर चौराहे पर सुबह-सुबह यूनियन कर्मचारियों ने चक्काजाम कर दिया। इससे करीब चार घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। अाॅटाे, टैक्सी, राेडवेज, नर्सिंग कर्मचारियाें द्वारा हड़ताल काे समर्थन देने से लाेगाें की समस्याएं अाैर भी बढ़ गई। लाेग मूलभूत सुविधाअाें के लिए भी भटकते रहे। जगह-जगह हुए प्रर्दशन के दौरान मारपीट अाैर ताेड़फाेड़ की घटनाएं भी सामने अार्ईं। फील्ड गनफैक्ट्री गेट पर हंगामा करते कर्मचारियों की भीड़ ने अपने ही कर्मचारी ज्ञानेंद्र कुमार यादव की जमकर धुनाई कर दी। किसी तरह कुछ लाेगाें ने उसकी  जान बचार्ई। उधर हड़ताल का विराेध कर रहे बीएमएस कर्मचारियों के साथ भी मारपीट हुर्ई। 
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जिसे देखा उसकी कर दी पिटार्ई

central government employes strike in kanpur
कानपुर के दादानगर इलाके में चक्काजाम कर भाषण देते कर्मचारी नेता
न्यूनतम वेतन लागू करने और संविदाकर्मियों की भर्ती खत्म करने संबंधी तमाम मांगों को लेकर शुक्रवार से शुरु हुई केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का असर अस्पतालों, चौराहों, बैंकों और सरकारी कार्यालयों में देखने को मिला। नर्र्सों और स्वास्थ्य संगठन के कर्मचरियाें के हड़ताल में शामिल होने की वजह से सरकारी अस्पतालों की ओपीडी प्रभावित हुई। हजारों मरीजों को निराश होकर वापस लौटना पड़ा। ओईएफ गेट के पास हड़ताल कर रहे कर्मचारियों और विरोधी गुट के कर्मचारियों के बीच जमकर मारपीट हुई। इसमें दाे कर्मचारी बुरी तरह से घायल हाे गए। सूचना पाकर माैके पर पहुंची पुलिस ने दाेनाें पक्षाें से तहरीर लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी अाेर चुन्नीगंज से बकरमंडी चौराहे पर टैम्पो, ऑटो और रिक्शाचालकों ने सड़क पर अावाजाही काे पूरी तरह से ठप कर दिया। ई-रिक्शा वालों ने भी हड़ताल का समर्थन किया ताे लाेगाें की परेशानियां अाैर बढ़ गईं।
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तांडव देख सहमे लाेग

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कर्मचारियाें की पिटार्ई से घायल ज्ञानेंद्र
हड़ताली कर्मचारियाें का सड़काें पर ताडंव देख अाम लाेग सहम उठे। लाेगाें ने सड़काें पर निकलन की बजाय खुद काे घराें में कैद कर लिया। निजी क्षेत्र के लाेग भी काम पर जाने की बजाय घराें में दुबके रहे। सुबह से ही हड़ताल का एेसा नजारा हर किसी काे भयभीत करने वाला था। दिनभर कर्मचारी केंद्रीय नीतियाें पर तंज कसते नजर अाए। माइक मीटिंग के जरिए सरकार पर भड़ास निकाली। कहा, केंद्र सरकार कर्मचारी विराेधरी कार्य कर रही है। अपनी मांगाें के पूरे न हाेने पर इस अांदाेलन काे अाैर तेज करने की बात कही। 
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