लॉकर से 30 लाख के जेवर गायब: बैंक खुलने से पहले बंद लॉकरों की चिंता लेकर पहुंचे ग्राहक, फॉरेंसिक जांच की मांग पर अड़े
23 दिनों के अंदर सात लॉकरों से 2.15 करोड़ के जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है। ग्राहकों का कहना था कि शाखा की लॉकरों में रखी पूंजी पीढ़ियों पुरानी है। यदि लॉकर में रखा सामान सुरक्षित नहीं रहेगा तो कोई लॉकर में सामान क्यों रखेगा।
विस्तार
इसके बाद 160 ग्राहकों ने लॉकर चेक किए। सबसे पहले दो महिलाओं ने लॉकर चेक किए। इसमें से एक ने सारा सामान लॉकर से निकाल लिया। 23 दिनों के अंदर सात लॉकरों से 2.15 करोड़ के जेवरात गायब होने का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह 30 से ज्यादा ग्राहक शाखा खुलने से पहले ही अपने परिजनों के साथ बैंक पहुंच गए थे।
धीरे-धीरे ग्राहकों की भीड़ बढ़ती रही। सभी ग्राहक लॉकरों की फोरेंसिक मांग पर अड़ गए। कई ग्राहक धरने पर बैठ गए। करीब पौने एक बजे एफजीएम एसके गुप्ता शाखा पहुंचे। इसके बाद पहले लॉकर रूम को जाकर देखा और शाखा के कर्मचारियों और अफसरों से बातचीत की।
इन महिलाओं ने सबसे पहले चेक किए लॉकर
करीब 10 महीने पहले लॉकर लिया था। बैंक शाखा में लॉकरों से जेवरात और सामान गायब होने के बाद लॉकर चेक करने आईं हूं। लॉकर चेक करके देखा। सारा सामान सुरक्षित था। जो जरूरत का समझा वो निकाल लिया है।- हेमलता चौधरी, निवासी कैंट
बैंक में 1995 से लॉकर है। पिछले साल फरवरी 2021 में लॉकर ऑपरेट किया था। बैंक शाखा से लॉकर में सामान निकलने की जानकारी पर पति के साथ लॉकर चेक किया। लॉकर ऑपरेट किया। सारा सामान सुरक्षित निकला। - अर्चना चौधरी, निवासी लालबंगला
मेरे बड़े भाई शिवशंकर और उनकी पत्नी सीता गुप्ता के बैंक लॉकर से लाखों के जेवरात निकल गए हैं। मेरा भी लॉकर यहां पर है। पिछले 15 साल से लॉकर ले रखा है। दो साल से ऑपरेट नहीं किया है। बड़े भाई के लॉकर से जेवरात निकलने के बाद वो लॉकर चेक करने आए हैं। परिवार में शादी है। जेवरात गायब होने के बाद से भाई की तबीयत खराब हो गई है। वो भर्ती हैं। - विश्वनाथ गुप्ता, ग्राहक और अध्यक्ष कानपुर कपड़ा कमेटी
श्याम नगर में स्कूल संचालित करते हैं। पिता ने यहां पर बैंक लॉकर ले रखा था। उनके देहांत होने के बाद से इसका संचालन कर रहे हैं। लॉकरों से सामान गायब होने से दिल दिमाग काम नहीं कर रहा है। एक भय लगा है कि मेरा सामान सुरक्षित है कि नहीं। - सौरभ जायसवाल, निवासी श्याम नगर
पहले बैंक शाखा के ऊपर बने फ्लैट में रहती थी। कुछ समय पहले ही यहां से शिफ्ट होकर शूटरगंज में रहने लगी हूं। बैंक में पिछले 12 साल से लॉकर ले रखा है। ढाई महीने पहले बैंक में लॉकर ऑपरेट किया था। तब सब सुरक्षित था। अब तो बहुत डर लग रहा है।- कृष्णा सोनी, निवासी शूटरगंज
नंबर गेम
1141 लॉकर हैं सेंट्रल बैंक की कराची खाना शाखा में
507 लॉकर बैंक ने रेंट पर ग्राहकों को दे रखा है
160 लॉकर अब तक ग्राहक खुद चेक कर चुके हैं