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प्रोटोकॉल तोड़कर दूसरे हॉल में बैठे छात्रों से भी मिले पीएम, मोदी के सवाल पर खिलखिलाकर हंसे छात्र
Tue, 28 Dec 2021 10:22 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 28 Dec 2021 10:22 PM IST
सार
प्रोटोकॉल तोड़कर पीएम मोदी ने बीच रास्ते में अपनी कार रुकवाई और सीएम योगी के साथ उन छात्रों से दूसरे हॉल में मिलने पहुंचे। इस दौरान पीएम ने छात्राें से संवाद भी किया।
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पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर दूसरे हॉल में बैठे छात्रों से मुलाकात की
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री मोदी का नया रूप देखने को मिला। पीएम दीक्षांत समारोह होकर लौट रहे थे तो उन्हें पता लगा कि दूसरे हॉल में कुछ मेधावी छात्र बैठे हैं जो किन्हीं वजहों से दीक्षांत समारोह में शामिल ना हो सके। फिर क्या पीएम मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर बीच रास्ते में अपनी कार रुकवाई और सीएम योगी के साथ उन छात्रों से दूसरे हॉल में मिलने पहुंचे। इस दौरान पीएम ने छात्राें से संवाद भी किया। पीएम मोदी को अपने बीच देखकर मेधावी छात्र खुशी से झूम उठे। दस मिनट तक छात्रों से संवाद करने के बाद पीएम मोदी वहां से रवाना हुए।
आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने अभ्युदय पांडे को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल और यश माहेश्वरी को रतन स्वरूप पुरस्कार से सम्मानित किया। साथ ही देश की तीन विभूतियों को मानद उपाधि से सम्मानित किया। मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर दूसरे हॉल में बैठे छात्रों से भी मिलने पहुंचे। करीब 1.15 घंटे रुके प्रधानमंत्री ने आईआईटी के मेधावी छात्रों को चुनौतियां स्वीकारने के लिए प्रेरित किया। दीक्षांत समारोह में 1723 छात्र छात्राओं को उपाधियां दी गईं। यह सभी डिजिटल डिग्रियां ब्लॉकचेन पर आधारित हैं।
आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मंगलवार को शोभा यात्रा के साथ हुआ। मंच पर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संस्थान के बीओजी (बोर्ड ऑफ गवर्नेंस) के चेयरमैन डॉ. राधाकृष्णन व निदेशक प्रो. अभय करंदीकर मौजूद रहे। प्रो. करंदीकर ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विभूतियां प्रो. रोहिणी एम गोडबोले, सेनापथी गोपालकृष्णन और पं. अजोय चक्रवर्ती को मानद उपाधि से सम्मानित किया। फिर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के बीटेक छात्र अभ्युदय पांडे को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के यश माहेश्वरी को रतन स्वरूप स्मृति पुरस्कार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया। इससे पहले निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने छात्रों को संस्कृत भाषा में शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट का बटन दबाकर शुभारंभ किया।
दो शिक्षक हुए सम्मानित
आईआईटी के दूसरे सेशन में बीओजी के चेयरमैन प्रो. राधाकृष्णन व निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने मेधावियों को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह में दो शिक्षक प्रो. जी सनथानम और प्रो. सुराजीत सिन्हा को भी अवार्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में 21 छात्रों को उत्कृष्ट पीएचडी थीसिस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। तीसरे सेशन में सभी छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं।
नहीं उपस्थित हो सकीं छात्राएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंच से अभ्युदय पांडेय, यश माहेश्वरी, वसुंधरा राकेश, निवेदिता और प्रियंका भारती को पदक व पुरस्कार देकर सम्मानित करना था। मगर वसुंधरा, निवेदिता व प्रियंका कार्यक्त्रस्म में किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकी। इससे प्रधानमंत्री ने सिर्फ अभ्युदय व यश को पदक देकर सम्मानित किया। तीनों छात्राएं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहीं। उनको इसका अफसोस रहा।
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आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री ने अभ्युदय पांडे को प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल और यश माहेश्वरी को रतन स्वरूप पुरस्कार से सम्मानित किया। साथ ही देश की तीन विभूतियों को मानद उपाधि से सम्मानित किया। मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर दूसरे हॉल में बैठे छात्रों से भी मिलने पहुंचे। करीब 1.15 घंटे रुके प्रधानमंत्री ने आईआईटी के मेधावी छात्रों को चुनौतियां स्वीकारने के लिए प्रेरित किया। दीक्षांत समारोह में 1723 छात्र छात्राओं को उपाधियां दी गईं। यह सभी डिजिटल डिग्रियां ब्लॉकचेन पर आधारित हैं।
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#WATCH | Prime Minister Narendra Modi interacts with IIT Kanpur students who weren’t part of the convocation ceremony today
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Source: PMO pic.twitter.com/25VoXWz26y — ANI (@ANI) December 28, 2021
आईआईटी के 54वें दीक्षांत समारोह का शुभारंभ मंगलवार को शोभा यात्रा के साथ हुआ। मंच पर मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विशिष्ट अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संस्थान के बीओजी (बोर्ड ऑफ गवर्नेंस) के चेयरमैन डॉ. राधाकृष्णन व निदेशक प्रो. अभय करंदीकर मौजूद रहे। प्रो. करंदीकर ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विभूतियां प्रो. रोहिणी एम गोडबोले, सेनापथी गोपालकृष्णन और पं. अजोय चक्रवर्ती को मानद उपाधि से सम्मानित किया। फिर कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के बीटेक छात्र अभ्युदय पांडे को प्रेसीडेंट गोल्ड मेडल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के यश माहेश्वरी को रतन स्वरूप स्मृति पुरस्कार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया। इससे पहले निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने छात्रों को संस्कृत भाषा में शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेशनल ब्लॉकचेन प्रोजेक्ट का बटन दबाकर शुभारंभ किया।
दो शिक्षक हुए सम्मानित
आईआईटी के दूसरे सेशन में बीओजी के चेयरमैन प्रो. राधाकृष्णन व निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने मेधावियों को मेडल व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। समारोह में दो शिक्षक प्रो. जी सनथानम और प्रो. सुराजीत सिन्हा को भी अवार्ड से सम्मानित किया गया। समारोह में 21 छात्रों को उत्कृष्ट पीएचडी थीसिस अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। तीसरे सेशन में सभी छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं।
नहीं उपस्थित हो सकीं छात्राएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंच से अभ्युदय पांडेय, यश माहेश्वरी, वसुंधरा राकेश, निवेदिता और प्रियंका भारती को पदक व पुरस्कार देकर सम्मानित करना था। मगर वसुंधरा, निवेदिता व प्रियंका कार्यक्त्रस्म में किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकी। इससे प्रधानमंत्री ने सिर्फ अभ्युदय व यश को पदक देकर सम्मानित किया। तीनों छात्राएं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहीं। उनको इसका अफसोस रहा।