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रोक के बाद भी भर लीं बीपीएड सीटें
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Mon, 19 Jan 2015 02:34 AM IST
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छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी प्रशासन की रोक के बाद भी बीपीएड कॉलेजों की सीटें सीधी भरी गई हैं।
बिना सत्यापन के ही कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के स्टूडेंट्स को एडमिशन दिए गए हैं। रेग्युलर कक्षाएं भी नहीं चल रही हैं।
यह मामला यूनिवर्सिटी प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि जिन कॉलेजों ने एडमिशन किए हैं, उनकी संबद्धता निरस्त की जाएगी।
मान्यता निरस्त करने की सिफारिश नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से होगी।
यूनिवर्सिटी से संबद्ध करीब 18 बीपीएड कॉलेज हैं। इनकी सीटें संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से भरी जाती हैं।
शैक्षिक सत्र 2014-15 में प्रवेश परीक्षा हुई लेकिन पर्याप्त स्टूडेंट नहीं मिलेे।
ज्यादातर सीटें खाली रह गईं। इस पर सीटें सीधे भरने की अनुमति मांगी गई, जिसे कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने सिरे से खारिज कर दिया।
कुलपति ने कहा कि बीपीएड की एडमिशन प्रक्रिया एनसीटीई की नियमावली से पूरी होती है। जिस स्टूडेंट को एडमिशन दिया जाए, उसका संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में सफल होना जरूरी है।
इसके बगैर सीटें नहीं भरी जा सकती हैं। कुलपति की रोक के बाद भी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संचालकों ने बीपीएड की सीटें सीधे भर लीं।
सूत्रों ने बताया कि बीपीएड की एडमिशन प्रक्रिया में मनमानी जारी है। शैक्षिक सत्र 2013-14 के बाद 2014-15 की सीटें भी सीधे भरी गईं।
जिन स्टूडेंट ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में हिस्सा नहीं लिया है, वे भी एडमिशन पाने में सफल हो गए हैं।
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तमाम स्टूडेंट ऐसे हैं, जो कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक की मार्कशीट लगाकर बैठे हैं। इन स्टूडेंट की रेग्युलर पढ़ाई भी नहीं कराई जा रही है।
जैसे ही एग्जाम होंगे, वैसे ही स्टूडेंट्स को बुलाकर एग्जाम फार्म भरवा दिए जाएंगे। एग्जाम कराके कॉपी जांचने के लिए यूनिवर्सिटी भेज दी जाएगी।
एडमिशन प्रक्रिया में फर्जी खेल प्रमाण पत्र लगाए जाने का मामला भी सामने आया है। हालांकि इसका खुलासा करने से यूनिवर्सिटी कतरा रही है।
एनसीटीई की नियमावली के हिसाब से देखा जाए तो एडमिशन की सीधी प्रक्रिया अमान्य हो जाती है।
जिम्मेदार बोले
यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट देकर सफलता हासिल करने वाले स्टूडेंट का एडमिशन ही मान्य है।
सीधे सीटें भरने की अनुमति नहीं, इसलिए सभी एडमिशन अमान्य माने जाएंगे। ऐसे कॉलेजों की संबद्धता और मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
- सैय्यद वकार हुसैन, कुलपति सीएसजेएम यूनिवर्सिटी
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बिना सत्यापन के ही कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के स्टूडेंट्स को एडमिशन दिए गए हैं। रेग्युलर कक्षाएं भी नहीं चल रही हैं।
यह मामला यूनिवर्सिटी प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने कहा है कि जिन कॉलेजों ने एडमिशन किए हैं, उनकी संबद्धता निरस्त की जाएगी।
मान्यता निरस्त करने की सिफारिश नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) से होगी।
यूनिवर्सिटी से संबद्ध करीब 18 बीपीएड कॉलेज हैं। इनकी सीटें संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट से भरी जाती हैं।
शैक्षिक सत्र 2014-15 में प्रवेश परीक्षा हुई लेकिन पर्याप्त स्टूडेंट नहीं मिलेे।
ज्यादातर सीटें खाली रह गईं। इस पर सीटें सीधे भरने की अनुमति मांगी गई, जिसे कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन ने सिरे से खारिज कर दिया।
कुलपति ने कहा कि बीपीएड की एडमिशन प्रक्रिया एनसीटीई की नियमावली से पूरी होती है। जिस स्टूडेंट को एडमिशन दिया जाए, उसका संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में सफल होना जरूरी है।
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इसके बगैर सीटें नहीं भरी जा सकती हैं। कुलपति की रोक के बाद भी सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संचालकों ने बीपीएड की सीटें सीधे भर लीं।
सूत्रों ने बताया कि बीपीएड की एडमिशन प्रक्रिया में मनमानी जारी है। शैक्षिक सत्र 2013-14 के बाद 2014-15 की सीटें भी सीधे भरी गईं।
जिन स्टूडेंट ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट में हिस्सा नहीं लिया है, वे भी एडमिशन पाने में सफल हो गए हैं।
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तमाम स्टूडेंट ऐसे हैं, जो कि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक की मार्कशीट लगाकर बैठे हैं। इन स्टूडेंट की रेग्युलर पढ़ाई भी नहीं कराई जा रही है।
जैसे ही एग्जाम होंगे, वैसे ही स्टूडेंट्स को बुलाकर एग्जाम फार्म भरवा दिए जाएंगे। एग्जाम कराके कॉपी जांचने के लिए यूनिवर्सिटी भेज दी जाएगी।
एडमिशन प्रक्रिया में फर्जी खेल प्रमाण पत्र लगाए जाने का मामला भी सामने आया है। हालांकि इसका खुलासा करने से यूनिवर्सिटी कतरा रही है।
एनसीटीई की नियमावली के हिसाब से देखा जाए तो एडमिशन की सीधी प्रक्रिया अमान्य हो जाती है।
जिम्मेदार बोले
यह मामला संज्ञान में आया है। इसकी जांच कराई जा रही है। प्रवेश परीक्षा और फिजिकल टेस्ट देकर सफलता हासिल करने वाले स्टूडेंट का एडमिशन ही मान्य है।
सीधे सीटें भरने की अनुमति नहीं, इसलिए सभी एडमिशन अमान्य माने जाएंगे। ऐसे कॉलेजों की संबद्धता और मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई होगी।
- सैय्यद वकार हुसैन, कुलपति सीएसजेएम यूनिवर्सिटी