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दुबई से वापस अपने वतन लौटे बंधुआ मजदूर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 27 Oct 2016 11:16 PM IST
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बंधुआ मजदूरों के वतन वापस लौटने पर उनके परिवारों में छायी खुशी
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नौकरी के लिए 35 दिन पहले दुबई गए कानपुर रायपुर थाना क्षेत्र के दो युवक गुरुवार को सकुशल घर वापस आ गए। उनसे वहां मजदूरी कराई गई और उत्पीड़न भी किया जा रहा था। एक युवक के पिता ने 26 सितंबर को पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई थी। स्थानीय थाने में संबंधित वीजा एजेंट के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
कस्बे में दमनपुर रोड निवासी साबिर खां ने बताया कि सट्टी थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर निवासी वीजा एजेंट फखरुल हसन उर्फ चांद मियां ने उसके पुत्र निहाल को नौकरी के बहाने दुबई भेजा था। सट्टी निवासी मुशव्वर अली का पुत्र मोहम्मद आलम भी दुबई गया। दुबई से निहाल ने बंधक बना मजदूरी कराने की जानकारी परिजनों को दी। निहाल के पिता ने एसपी से फरियाद की। मोहम्मद आलम ने बताया कि मुनाइको मेटल कंपनी के वीजा पर दुबई भेजा था। वहां उनको पत्थर ढुलाई के काम में लगा दिया गया। भूखा रखकर मजदूरी कराई जाती थी और मारपीट भी की जाती थी।
थाना इंचार्ज वीएस चौहान ने बताया कि चांद मियां के भाई उरूजुल हसन ने युवकों को एक हफ्ते में वापस बुलाने का भरोसा दिलाया था।
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कस्बे में दमनपुर रोड निवासी साबिर खां ने बताया कि सट्टी थाना क्षेत्र के जहांगीरपुर निवासी वीजा एजेंट फखरुल हसन उर्फ चांद मियां ने उसके पुत्र निहाल को नौकरी के बहाने दुबई भेजा था। सट्टी निवासी मुशव्वर अली का पुत्र मोहम्मद आलम भी दुबई गया। दुबई से निहाल ने बंधक बना मजदूरी कराने की जानकारी परिजनों को दी। निहाल के पिता ने एसपी से फरियाद की। मोहम्मद आलम ने बताया कि मुनाइको मेटल कंपनी के वीजा पर दुबई भेजा था। वहां उनको पत्थर ढुलाई के काम में लगा दिया गया। भूखा रखकर मजदूरी कराई जाती थी और मारपीट भी की जाती थी।
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थाना इंचार्ज वीएस चौहान ने बताया कि चांद मियां के भाई उरूजुल हसन ने युवकों को एक हफ्ते में वापस बुलाने का भरोसा दिलाया था।