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'शोरगुल' फिल्म के डायरेक्टर से जानें, समाज में कैसे फैलती है 'दंगों की राजनीति' और इसके परिणाम

Wed, 18 Apr 2018 02:56 PM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 18 Apr 2018 02:56 PM IST
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bollywood film director shashie vermaa interview
फिल्म डायरेक्टर शशि वर्मा
सामाजिक मुद्दों पर फिल्म बनाना और फिर तमाम तरह के विरोध झेलना हर किसी के बस की बात नहीं है। फिल्मों के जरिए समाज को सच दिखाने का माद्दा रखने वाले कुछ लोग ही ऐसा कर पाते हैं। बिहार के शशि वर्मा ने कानपुर के जितेंद्र तिवारी की कहानी पर ऐसी ही एक फिल्म बनाई 'शोरगुल', जो 2016 में बड़े पर्दे पर रिलीज हुई। तमाम विवाद झेलने वाली यह फिल्म दर्शकों के बीच चर्चा का विषय रही। अब ऐसी ही एक और फिल्म लाने की तैयारी शशि वर्मा कर रहे हैं। 

दो कहानियों पर काम कर रहे हैं शशि

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शोरगुल फिल्म के एक सीन में जिमी शेरगिल के साथ शशि वर्मा
बिहार के सीतामढ़ी में जन्मे शशि वर्मा इन दिनों सामाजिक मुद्दों पर आधारित दो कहानियों पर काम कर रहे हैं। दिल्ली जेएनयू से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की ओर रुख कर लिया। साल 2016 में शशि वर्मा के निर्दशन में बनी शोरगुल फिल्म सिल्वर स्क्रीन पर रिलीज हुई। फिल्म दंगों पर आधारित थी जिसकी वजह से उन्हें चौतरफा विरोध झेलना पड़ा। आखिरकार फिल्म रिलीज हुई तो समीक्षकों की तारीफों ने उनका जोश बढ़ा दिया। फिल्म में जिमी शेरगिल, आशुतोष राणा, एजाज खान मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म में जिमी शेरगिल के मामा का रोल खुद शशि वर्मा ने ही किया था। 
 

दर्शकों से बड़ा कोर्इ बुद्घिजीवी नहीं होता

bollywood film director shashie vermaa interview
फिल्म निर्देशक शशि वर्मा
फिल्म डायरेक्टर शशि वर्मा ने कहा कि आज के दर्शक बहुत जानकार हैं। जब फिल्म थिएटर पर आती है आैर दर्शक फिल्म देखने के लिए आते हैं तो बाहर निकलने के बाद उनका चेहरा फिल्म की असलियत बता देता है। सिनेमा दर्शकों से बड़ा कोर्इ बुद्घिजीवी नहीं होता है। आज का सिनेमाप्रेमी फिल्म के प्रोमो को देखकर जान लेता है कि उसे फिल्म देखनी चाहिए है या नहीं। दर्शक कभी भी किसी के कहने में नहीं आता। जब वो खुद फिल्म को ना देख ले अपनी राय किसी के सामने नहीं रखता। वर्मा का कहना है कि सामाजिक मुद्दों को राजनीति हवा देती है और राजनीति दंगों के लिए भी जिम्मेदार है। दर्शकों को आकर्शित करने वाली फिल्में कई बार कहानियों की वजह से बॉक्स ऑफिस में पिट जाती हैं। अगर फिल्म की कहानी अच्छी हो तो दर्शकों के बीच लोकप्रिय जरूर होती है। 
 
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प्रोफाइलः-

bollywood film director shashie vermaa interview
फिल्म निर्देशक शशि वर्मा
नामः शशि वर्मा
जन्मः 5 अप्रैल 1978, सीतामढ़ी बिहार
शिक्षाः जेएनयू, दिल्ली
पिताः मिथलेश कुमार वर्मा
मांः इंदिरा वर्मा
पेशाः फिल्म निर्देशक
उपलब्धिः दंगों पर आधारित 'शोरगुल' फिल्म से बड़ी सफलता
 
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शोरगुल फिल्म की कहानी

bollywood film director shashie vermaa interview
शोरगुल फिल्म का पोस्टर
शोरगुल फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास के मलिहाबाद की है, जहां गांव का एक चौधरी (आशुतोष राणा), एक विधायक रंजीत ओम भैया (जिम्मी शेरगिल) और हिंदू-मुस्लिम परिवार रहते हैं। चौधरी का बेटा रघु (अनिरुद्ध दवे) और पास के मुस्लिम घर की लड़की जैनब (सुहा गोजेन) बचपन से ही एक दूसरे के पक्के दोस्त होते हैं। वह साथ-साथ कॉलेज भी जाते हैं। जब जैनब का निकाह, सलीम (हितेन तेजवानी) से तय होता है उसके बाद सलीम के भाई मुस्तकीन (एजाज खान) की मौजूदगी से कुछ ऐसा होता है जिसकी वजह से रघु की मौत हो जाती है। एक हिंदू लड़के की मौत होने से पूरे मलिहाबाद में हिंदू-मुस्लिम दंगे शुरू हो जाते जाते हैं। किस तरह से दंगों में राजनीति काम करती है इस फिल्म के माध्यम से बखूबी दिखाया गया है। 
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