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लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने बनाई नई रणनीति, तलाकशुदा महिलाओं का डाटा तैयार करेगी
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sat, 10 Nov 2018 04:33 AM IST
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डॉ. नाजिया आलम, प्रदेश मंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर: आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए मोदी सरकार ने तीन तलाक के मुद्दे को वोट बैंक में बदलने की रणनीति बनाई है। तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं के जीवन में रोशनी लाने के लिए पार्टी नई मुहिम शुरू करने जा रही है। 13 नवंबर को इसकी शुरुआत कानपुर से होगी। इसके तहत हर जिले की तलाकशुदा महिलाओं का सर्वे किया जाएगा। उनकी संख्या का डाटा तैयार कर उसे केंद्र व प्रदेश सरकार के पास भेजा जाएगा जिससे इन महिलाओं को लेकर सरकार कोई अच्छी और अस्थायी योजना बना सके। साथ ही इन महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए जागरूक भी किया जाएगा।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की प्रदेश मंत्री डॉ. नाजिया आलम को इस अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वह महानगर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। पार्टी ने तय किया है कि तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए भी काम किया जाएगा। ऐसी सभी महिलाओं का नाम, पता, मोबाइल नंबर इकट्ठा किया जाएगा, जिससे उन्हें सरकार की योजनाओं और कानूनी जानकारियों की सूचना आसानी से दी जा सके। तलाकशुदा महिलाओं की बातें सुनने के लिए इन्हीं के बीच से हर जिले में एक तलाक प्रमुख बनाया जाएगा। पूरे प्रदेश में जिलों और क्षेत्रों को मिलाकर करीब 100 तलाक प्रमुख बनाने का फैसला लिया गया है।
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की प्रदेश मंत्री डॉ. नाजिया आलम को इस अभियान का प्रभारी बनाया गया है। वह महानगर से इस कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। पार्टी ने तय किया है कि तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता दिलाने के लिए भी काम किया जाएगा। ऐसी सभी महिलाओं का नाम, पता, मोबाइल नंबर इकट्ठा किया जाएगा, जिससे उन्हें सरकार की योजनाओं और कानूनी जानकारियों की सूचना आसानी से दी जा सके। तलाकशुदा महिलाओं की बातें सुनने के लिए इन्हीं के बीच से हर जिले में एक तलाक प्रमुख बनाया जाएगा। पूरे प्रदेश में जिलों और क्षेत्रों को मिलाकर करीब 100 तलाक प्रमुख बनाने का फैसला लिया गया है।
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तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को हिंदी में लिखी गई पवित्र कुरान की प्रतियां भी वितरित की जाएंगी
तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को हिंदी में लिखी गई पवित्र कुरान की प्रतियां भी वितरित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि कुरान में महिलाओं के लिए क्या लिखा है, उसे सभी पीड़ित व दूसरी महिलाएं पढ़ सके। एक वजह यह भी है कि कुछ लोग इसमें लिखी गई बातों को तोड़-मरोड़कर अपने तरीके से समाज के सामने रखते हैं। हिंदी में कुरान वितरण होने से इस पर रोक लगाई जा सकेगी।
तलाकशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर शुरू किए गए इस अभियान के बाद जगह-जगह महिलाओं के सम्मेलन भी किए जाएंगे। इसमें मौलाना व मौलवियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उनके विचार सुने जाएंगे। तीन तलाक जैसी सामाजिक कुरीति को दूर करने के मामले में भी जागरुकता फैलाई जाएगी।
-डॉ. नाजिया आलम, प्रदेश मंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा
कानपुर में 13 नवंबर को यशोदानगर स्थित मछरिया पार्क में करीब एक हजार तलाकशुदा महिलाओं की बैठक होगी। इसके अगले दिन बिल्हौर में भी इसी तरह का आयोजन होगा। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के दूसरे जनपदों में भी एक के बाद एक आयोजन किए जाएंगे।
-अजीत सिंह छाबड़ा, क्षेत्रीय अध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा
तलाकशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर शुरू किए गए इस अभियान के बाद जगह-जगह महिलाओं के सम्मेलन भी किए जाएंगे। इसमें मौलाना व मौलवियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उनके विचार सुने जाएंगे। तीन तलाक जैसी सामाजिक कुरीति को दूर करने के मामले में भी जागरुकता फैलाई जाएगी।
-डॉ. नाजिया आलम, प्रदेश मंत्री, अल्पसंख्यक मोर्चा
कानपुर में 13 नवंबर को यशोदानगर स्थित मछरिया पार्क में करीब एक हजार तलाकशुदा महिलाओं की बैठक होगी। इसके अगले दिन बिल्हौर में भी इसी तरह का आयोजन होगा। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के दूसरे जनपदों में भी एक के बाद एक आयोजन किए जाएंगे।
-अजीत सिंह छाबड़ा, क्षेत्रीय अध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा