फायर ब्रांड संन्यासिन उमा भारती एमपी में हुई थी फेल, अब भाजपा ने योगी पर खेल दिया दांव
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याद हो इंडिया शाइनिंग के दौर में अटल बिहारी वाजपेयी और भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने फायर ब्रांड संन्यासिन उमा भारती को मध्य प्रदेश (एमपी) में दिग्विजय सिंह के खिलाफ चुनावी जंग में सेनापति बनाया था। लेकिन उस समय एमपी में उमा फेल साबित हुई थी।
आमतौर पर देखा जाता रहा है कि 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में कई चौंकाने वाले फैसले लिए गए। ऐसा ही फैसला शनिवार को भाजपा ने लिया। योगी आदित्यनाथ का सीएम पद के लिए चुना जाना एक ऐसा ही फैसला है, जिसने राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया है।
भारतीय राजनीति में किसी संन्यासी के राजनीतिक सत्ता संभालने का ये कोई पहला मामला नहीं है। यूपी की तरह एमपी में भी बीजेपी लंबे समय से सत्ता से बाहर थी। उमा के नेतृत्व और आक्रामक तेवर के आगे दिग्विजय सिंह का चुनावी मैनेजमेंट फेल रहा।
230 विधानसभा में कांग्रेस 38 सीट पर सिमट कर रह गई थी। उमा महज 6 महीने सीएम रहीं, लेकिन 13 सालों में कांग्रेस कभी सत्ता के भी करीब नहीं पहुंची। अब यूपी में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने एक योगी पर भरोसा जताया है, योगी के पहले 2012 में ऐसा ही दांव बीजेपी ने उमा भारती पर भी खेला था, जो बैकफायर साबित हुआ था। उमा भारती बहुत कम दिन मुख्यमंत्री रह पाईं और बाद में विवादों में घिरीं।