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बिकरू कांड: बर्खास्त एसआई समेत दो ने कोर्ट में दाखिल किया निर्दोष होने का प्रार्थना पत्र, खारिज
Thu, 09 Jun 2022 01:05 AM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर देहात
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 09 Jun 2022 01:05 AM IST
सार
बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए एसआई केके शर्मा, राजेंद्र मिश्रा व तत्कालीन एसओ विनय तिवारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अदालत में आरोप मुक्त किए जाने का प्रार्थना पत्र देकर गलत फंसाने की दलील दी थी। उनका प्रार्थना पत्र खारिज हो गया है।
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कानपुर एनकाउंटर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिकरू कांड के आरोपी बर्खास्त एसआई व एक अन्य की तरफ से कोर्ट में दाखिल किया गया निर्दोष होने का प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया है। वहीं बर्खास्त एसओ के प्रार्थना पत्र पर आदेश के लिए 10 जून की तारीख तय की गई है। बता दें इस मामले में सुनवाई पहले ही पूरी की जा चुकी है।
बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए एसआई केके शर्मा, राजेंद्र मिश्रा व तत्कालीन एसओ विनय तिवारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अदालत में आरोप मुक्त किए जाने का प्रार्थना पत्र देकर गलत फंसाने की दलील दी थी। केके शर्मा के अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने तर्क रखा था कि चौबेपुर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार व राजीव कुमार के बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है। घटना में शामिल होने के कोई साक्ष्य नहीं हैं। वहीं राजेंद्र मिश्रा की तरफ से तर्क रखा गया कि उसके पुत्र प्रभात मिश्रा का पुलिस ने एनकाउंटर किया था।
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बिकरू कांड में आरोपी बनाए गए एसआई केके शर्मा, राजेंद्र मिश्रा व तत्कालीन एसओ विनय तिवारी ने खुद को निर्दोष बताते हुए अदालत में आरोप मुक्त किए जाने का प्रार्थना पत्र देकर गलत फंसाने की दलील दी थी। केके शर्मा के अधिवक्ता रामनरेश मिश्रा ने तर्क रखा था कि चौबेपुर थाने के सिपाही अभिषेक कुमार व राजीव कुमार के बयानों के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया है। घटना में शामिल होने के कोई साक्ष्य नहीं हैं। वहीं राजेंद्र मिश्रा की तरफ से तर्क रखा गया कि उसके पुत्र प्रभात मिश्रा का पुलिस ने एनकाउंटर किया था।
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जब मानवाधिकार का प्रश्न उठाया गया तो पुलिस ने उसे आरोपी बना दिया। विनय तिवारी की ओर से तर्क रहा कि घटना के वक्त वे दबिश वाली टीम में मौजूद थे। उन्होंने मुठभेड़ के दौरान फायरिंग भी की थी और घटना की रिपोर्ट थाना चौबेपुर में लिखाई थी। उन्हें झूठा फंसाया गया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि सभी आरोपियों के खिलाफ पत्रावली में आरोप तय करने के पर्याप्त साक्ष्य हैं। सभी घटना में शामिल थे। जिला शासकीय अधिवक्ता राजू पोरवाल ने बताया कि बुधवार को कोर्ट ने बर्खास्त एसआई केके शर्मा व आरोपी राजेंद्र मिश्रा की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्रों को खारिज कर दिया है।
तीन आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट
राजू पोरवाल ने बताया कि बिकरू कांड से जुड़े एक मामले में आरोपी अंजली दुबे, अमित उर्फ छोटे बउआ और दिनेश कुमार के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इन सभी आरोपियों ने फर्जी हलफनामा देकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किए थे।
फर्जी सिम मामले में रिचा दुबे की सुनवाई कल
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि फर्जी सिम मामले में आरोपी बनाई गई विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के मामले की सुनवाई भी एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मुख्य मामले की सुनवाई होने के कारण रिचा दुबे के मामले की सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए अब 10 जून की तिथि तय की है।
राजू पोरवाल ने बताया कि बिकरू कांड से जुड़े एक मामले में आरोपी अंजली दुबे, अमित उर्फ छोटे बउआ और दिनेश कुमार के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इन सभी आरोपियों ने फर्जी हलफनामा देकर शस्त्र लाइसेंस प्राप्त किए थे।
फर्जी सिम मामले में रिचा दुबे की सुनवाई कल
जिला शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि फर्जी सिम मामले में आरोपी बनाई गई विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे के मामले की सुनवाई भी एंटी डकैती कोर्ट में चल रही है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि मुख्य मामले की सुनवाई होने के कारण रिचा दुबे के मामले की सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए अब 10 जून की तिथि तय की है।