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बिकरू कांड: विकास दुबे का एक और साथी गिरफ्तार, दहशतगर्द व उसके साथियों को कार से भगाने में की थी मदद
Sat, 18 Dec 2021 06:58 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 18 Dec 2021 06:58 PM IST
सार
थानाप्रभारी अंजन कुमार सिंह ने बताया कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर दहशतगर्द विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर हमला कर दिया था। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की मौत हो गई थी। दहशतगर्द विकास दुबे के एक और साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : YakobchukOlena
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विस्तार
कानपुर में पनकी पुलिस ने दहशतगर्द विकास दुबे के एक और साथी 25 हजार रुपये का इनामी कानपुर देहात के शिवली कस्बा निवासी अभिषेक श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया आरोपी विकास दुबे और उसके साथियों को असलहों समेत अपनी कार से भगाने में मदद किया था।
थानाप्रभारी अंजन कुमार सिंह ने बताया कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर दहशतगर्द विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर हमला कर दिया था। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। वारदात के बाद विकास दुबे अपने साथी अमर दुबे, प्रभात मिश्रा असलहों के साथ गांव से फरार हो गया था।
दहशतगर्द को साथियों संग फरार करने के लिए शिवली निवासी विष्णु कश्यप ने कस्बा के रहने वाले अभिषेक को कॉल कर कैलई रोड तिराहा बुलाया था। अभिषेक जब वहां अपनी कार से पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद विकास दुबे और उसके साथी कार में असलहा रखकर वहां से निकल गए।
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अभिषेक उर्फ छोटू ने पूछताछ में बताया कि विकास और उसके साथी सबसे पहले रसूलाबाद निवासी राधे कश्यप के घर पहुंचे। जहां से वह अपनी कार लेकर वापस घर लौट आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। उसपर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने उसके पास से दहशतगर्द को भगाने में मदद के लिए प्रयोग की गई कार भी बरामद की है।
जयकांत के साथी को जमानत, दूसरों को जगी आस
बिकरू कांड से जुड़े एक आरोपी सचेंडी निवासी राहुल सिंह को जमानत मिलने के बाद जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों ने कोर्ट में जमानत के लिए पैरवी तेज कर दी है। परिजनों को उम्मीद है कि शायद अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल जाए। बिकरू कांड के करीब पचास आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस ने विकास के साथी जयकांत बाजपेई को भी जेल भेजा था।
उसकी बरामद गाड़ियों में से एक गाड़ी उसके दोस्त राहुल सिंह के नाम पर थी। जिसमें सचिवालय का फर्जी पास लगा था। जिसका मुकदमा काकादेव थाने में दर्ज हुआ था। कुछ समय पहले उसको कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों को भी अब उम्मीद जगी है। वह लगातार जद्दोजहद में जुटे हैं कि किसी तरह उनके परिवार जनों को भी जमानत मिल जाए।
लगातार दूसरी तारीख पर नहीं पहुंचा गवाह, सुनवाई टली
बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे के खिलाफ दर्ज फर्जी पहचान पत्र से सिम लेने के मामले में शनिवार को भी गवाह किशोर न्याय बोर्ड में पेश नहीं हुआ। इससे उसके बयान नहीं हो सके। इस पर बोर्ड ने अब सुनवाई की तारीख छह जनवरी तय की है। मदारीपुर निवासी गवाह संतराम 26 नवंबर को बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए थे। उनकी ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र में तबीयत ठीक न होने का हवाला देते हुए अगली तारीख पर गवाही देने की बात कही गई थी। इसके बाद 14 दिसंबर और फिर 18 दिसंबर को भी वह न बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए और न ही कोई प्रार्थनापत्र दिया है। शनिवार को खुशी भी बोर्ड के समक्ष उपस्थित रही।
बिकरू कांड में अब 10 जनवरी को सुनवाई
बिकरू कांड की सुनवाई शनिवार को पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते टल गई। इसके चलते आरोपियों की कोर्ट में पेशी नहीं कराई गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट के न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत में चल रही है।
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थानाप्रभारी अंजन कुमार सिंह ने बताया कि बिकरू गांव में दो जुलाई की रात दबिश देने गई पुलिस टीम पर दहशतगर्द विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर हमला कर दिया था। जिसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। वारदात के बाद विकास दुबे अपने साथी अमर दुबे, प्रभात मिश्रा असलहों के साथ गांव से फरार हो गया था।
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दहशतगर्द को साथियों संग फरार करने के लिए शिवली निवासी विष्णु कश्यप ने कस्बा के रहने वाले अभिषेक को कॉल कर कैलई रोड तिराहा बुलाया था। अभिषेक जब वहां अपनी कार से पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद विकास दुबे और उसके साथी कार में असलहा रखकर वहां से निकल गए।
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अभिषेक उर्फ छोटू ने पूछताछ में बताया कि विकास और उसके साथी सबसे पहले रसूलाबाद निवासी राधे कश्यप के घर पहुंचे। जहां से वह अपनी कार लेकर वापस घर लौट आया था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। उसपर 25 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने उसके पास से दहशतगर्द को भगाने में मदद के लिए प्रयोग की गई कार भी बरामद की है।
जयकांत के साथी को जमानत, दूसरों को जगी आस
बिकरू कांड से जुड़े एक आरोपी सचेंडी निवासी राहुल सिंह को जमानत मिलने के बाद जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों ने कोर्ट में जमानत के लिए पैरवी तेज कर दी है। परिजनों को उम्मीद है कि शायद अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल जाए। बिकरू कांड के करीब पचास आरोपी जेल में बंद हैं। पुलिस ने विकास के साथी जयकांत बाजपेई को भी जेल भेजा था।
उसकी बरामद गाड़ियों में से एक गाड़ी उसके दोस्त राहुल सिंह के नाम पर थी। जिसमें सचिवालय का फर्जी पास लगा था। जिसका मुकदमा काकादेव थाने में दर्ज हुआ था। कुछ समय पहले उसको कोर्ट से जमानत मिल गई। जेल में बंद अन्य आरोपियों के परिजनों को भी अब उम्मीद जगी है। वह लगातार जद्दोजहद में जुटे हैं कि किसी तरह उनके परिवार जनों को भी जमानत मिल जाए।
लगातार दूसरी तारीख पर नहीं पहुंचा गवाह, सुनवाई टली
बिकरू कांड में आरोपी खुशी दुबे के खिलाफ दर्ज फर्जी पहचान पत्र से सिम लेने के मामले में शनिवार को भी गवाह किशोर न्याय बोर्ड में पेश नहीं हुआ। इससे उसके बयान नहीं हो सके। इस पर बोर्ड ने अब सुनवाई की तारीख छह जनवरी तय की है। मदारीपुर निवासी गवाह संतराम 26 नवंबर को बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए थे। उनकी ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र में तबीयत ठीक न होने का हवाला देते हुए अगली तारीख पर गवाही देने की बात कही गई थी। इसके बाद 14 दिसंबर और फिर 18 दिसंबर को भी वह न बोर्ड के समक्ष उपस्थित हुए और न ही कोई प्रार्थनापत्र दिया है। शनिवार को खुशी भी बोर्ड के समक्ष उपस्थित रही।
बिकरू कांड में अब 10 जनवरी को सुनवाई
बिकरू कांड की सुनवाई शनिवार को पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के चलते टल गई। इसके चलते आरोपियों की कोर्ट में पेशी नहीं कराई गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट के न्यायाधीश सुधाकर राय की अदालत में चल रही है।