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बिकरू कांड : गैंगस्टर मामले में अंतिम विवेचक से अभी और चलेगी जिरह, अगली सुनवाई 12 जनवरी को
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कानपुर देहात। बिकरू कांड के आरोपियों पर चौबेपुर पुलिस ने गैंगस्टर की कार्यवाही की थी। इसमें अंतिम विवेचक से बचाव पक्ष जिरह कर रहा है। शुक्रवार को भी बचाव पक्ष की जिरह पूरी नहीं हो सकी। अब अदालत ने आगे की जिरह के 12 जनवरी की तिथि तय की है।
बिकरू कांड के बाद चौबेपुर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें जेल में निरुद्ध 30 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्यवाही की थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-पांच बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही हैं।
शुक्रवार को बचाव पक्ष ने मामले के अंतिम विवेचक इंस्पेक्टर अनूप कुमार निगम से जिरह की। आरोपी धर्मेंद्र उर्फ हीरू दुबे, गोपाल सैनी, सुरेश वर्मा, मनीष उर्फ बीरू, धीरेंद्र उर्फ धीरू, रमेश चंद्र व बबलू की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला सवाल किया कि आरोपियों की अवैध संपत्तियों के विषय में विवेचना के दौरान आपने जानकारी की थी।
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विवेचक ने कहा कि सभी अभियुक्तों की चल अचल संपत्ति, वाहनों की जानकारी व सभी के बैंक खातों की जानकारी के लिए सभी संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें कुछ की संपत्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त हो गई थी। कुछ की रिपोर्ट आना शेष रह गई थी।
बचाव पक्ष ने सवाल किया कि जो अवैध संपत्ति विवेचना के दौरान जानकारी में आई, क्या उसके संबंध में अभियुक्तों या उनके परिजनों से पूछताछ की। इस पर विवेचक ने बताया कि इस विषय में पूछताछ नहीं की गई थी। वहीं, बचाव पक्ष के कई सवालों का अभियोजन ने विरोध किया।
विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि अभी अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला की जिरह जारी है। अभी कई आरोपियों की ओर से जिरह शेष होने के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जनवरी नियत की है। इस दौरान सभी आरोपी अदालत में पेश किए गए।
पेशी पर चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले की आरोपी खुशी दुबे की जमानत सुप्रीम कोर्ट से मंजूर होने के बाद से पुलिस व प्रशासन और अलर्ट हो गया है। बिकरू कांड की पेशी की तारीख पर अदालत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। साथ ही कम संख्या में आरोपियों को हवालात से कोर्ट में पेश किया जा रहा है। आरोपियों के परिजनों को भी उनसे बात नहीं करने दिया जा रहा है। शुक्रवार को कोर्ट हवालात व परिसर में क्षेत्राधिकारी के साथ एएसपी ने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था का मुआयना किया। (संवाद)
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बिकरू कांड के बाद चौबेपुर पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनमें जेल में निरुद्ध 30 आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्यवाही की थी। इसकी सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-पांच बाकर शमीम रिजवी की अदालत में चल रही हैं।
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शुक्रवार को बचाव पक्ष ने मामले के अंतिम विवेचक इंस्पेक्टर अनूप कुमार निगम से जिरह की। आरोपी धर्मेंद्र उर्फ हीरू दुबे, गोपाल सैनी, सुरेश वर्मा, मनीष उर्फ बीरू, धीरेंद्र उर्फ धीरू, रमेश चंद्र व बबलू की ओर से बचाव पक्ष के अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला सवाल किया कि आरोपियों की अवैध संपत्तियों के विषय में विवेचना के दौरान आपने जानकारी की थी।
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विवेचक ने कहा कि सभी अभियुक्तों की चल अचल संपत्ति, वाहनों की जानकारी व सभी के बैंक खातों की जानकारी के लिए सभी संबंधित विभागों से रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें कुछ की संपत्ति के संबंध में जानकारी प्राप्त हो गई थी। कुछ की रिपोर्ट आना शेष रह गई थी।
बचाव पक्ष ने सवाल किया कि जो अवैध संपत्ति विवेचना के दौरान जानकारी में आई, क्या उसके संबंध में अभियुक्तों या उनके परिजनों से पूछताछ की। इस पर विवेचक ने बताया कि इस विषय में पूछताछ नहीं की गई थी। वहीं, बचाव पक्ष के कई सवालों का अभियोजन ने विरोध किया।
विशेष लोक अभियोजक अमर सिंह भदौरिया ने बताया कि अभी अधिवक्ता पवनेश कुमार शुक्ला की जिरह जारी है। अभी कई आरोपियों की ओर से जिरह शेष होने के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 12 जनवरी नियत की है। इस दौरान सभी आरोपी अदालत में पेश किए गए।
पेशी पर चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था
कानपुर देहात। बिकरू कांड के मुख्य मामले की आरोपी खुशी दुबे की जमानत सुप्रीम कोर्ट से मंजूर होने के बाद से पुलिस व प्रशासन और अलर्ट हो गया है। बिकरू कांड की पेशी की तारीख पर अदालत में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है। साथ ही कम संख्या में आरोपियों को हवालात से कोर्ट में पेश किया जा रहा है। आरोपियों के परिजनों को भी उनसे बात नहीं करने दिया जा रहा है। शुक्रवार को कोर्ट हवालात व परिसर में क्षेत्राधिकारी के साथ एएसपी ने पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था का मुआयना किया। (संवाद)