{"_id":"5ad43e084f1c1b9f098b4cb5","slug":"big-relief-to-bundelkhand-farmers","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुंदेलखंड के किसानों को बड़ी राहत, फिक्स चार्ज में मिलेगी छूट, 'जानिए, क्या है सीजनल टैरिफ?'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुंदेलखंड के किसानों को बड़ी राहत, फिक्स चार्ज में मिलेगी छूट, 'जानिए, क्या है सीजनल टैरिफ?'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 16 Apr 2018 11:39 AM IST
विज्ञापन
डेमाे पिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बुंदेलखंड के किसानों को विद्युत टैरिफ में बड़ी राहत देते हुए मार्च से अक्तूबर तक लगने वाले फिक्स चार्ज में 50 से 75 प्रतिशत तक छूट देने का फैसला दिया है। आयोग के अध्यक्ष एसके अग्रवाल ने यह फैसला पॉवर कारपोरेशन की ओर दायर याचिका की सुनवाई के बाद दिया है।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद केअध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्वारा दाखिल आपत्ति का भी निस्तारण करते हुए आयोग ने मीटर लगाने वाले किसानों से वसूले जाने वाले न्यूनतम चार्ज में भी छूट देने का निर्देश दिया है। यानि बुंदेलखंड के किसानों को अब विद्युत विभाग के सीजनल टैरिफ की तरह लाभ मिलेगा।
पावर कार्पोरेशन ने याचिका के साथ ही नियामक आयोग को एक प्रस्ताव भी दिया था। जिसमें कहा गया था कि बुंदेलखंड के किसान केवल एक फसल (रवी) ही पैदा कर पाते हैं, जबकि विद्युत कनेक्शन लेने पर उन्हें पूरे साल का फिक्स चार्ज देना पड़ता है, जबकि उनको जरूरत सिर्फ चार महीने की होती है। इसलिए किसानों को मार्च से अक्तूबर तक फिक्स चार्ज में छूट दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
कारपोरेशन के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आयोग ने बिना मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला सुनाया है। मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। अन्य आदेश के तहत मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज व न्यनतम चार्ज में छूट मिलने के बाद मात्र 37 रुपये प्रति हार्सपॉवर प्रतिमाह की दर से ही भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद केअध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा द्वारा दाखिल आपत्ति का भी निस्तारण करते हुए आयोग ने मीटर लगाने वाले किसानों से वसूले जाने वाले न्यूनतम चार्ज में भी छूट देने का निर्देश दिया है। यानि बुंदेलखंड के किसानों को अब विद्युत विभाग के सीजनल टैरिफ की तरह लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
पावर कार्पोरेशन ने याचिका के साथ ही नियामक आयोग को एक प्रस्ताव भी दिया था। जिसमें कहा गया था कि बुंदेलखंड के किसान केवल एक फसल (रवी) ही पैदा कर पाते हैं, जबकि विद्युत कनेक्शन लेने पर उन्हें पूरे साल का फिक्स चार्ज देना पड़ता है, जबकि उनको जरूरत सिर्फ चार महीने की होती है। इसलिए किसानों को मार्च से अक्तूबर तक फिक्स चार्ज में छूट दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
कारपोरेशन के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए आयोग ने बिना मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला सुनाया है। मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज में 75 प्रतिशत छूट मिलेगी। अन्य आदेश के तहत मीटर वाले किसानों को फिक्स चार्ज व न्यनतम चार्ज में छूट मिलने के बाद मात्र 37 रुपये प्रति हार्सपॉवर प्रतिमाह की दर से ही भुगतान करना होगा।