{"_id":"fa68a9d5d2e33add00f1555a5f5ed99b","slug":"before-examination-principal-get-sick-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परीक्षा सिर पर, प्रिंसिपल बिस्तर पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परीक्षा सिर पर, प्रिंसिपल बिस्तर पर
अमर उजाला, ब्यूरो
Updated Tue, 23 Feb 2016 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ये अर्जियां बानगी भर हैं। प्रिंसिपलों की बीमारी या फिर लंबी
विज्ञापन
छुट्टी पर जाने की 100 से ज्यादा अप्लीकेशन कानपुर यूनिवर्सिटी को मिल चुकी
हैं। प्रबंधक की ओर से कहा गया है कि दूसरे शिक्षक को केंद्राध्यक्ष बनाया
जाए। इस पर विचार हुआ और तमाम केंद्राध्यक्ष बदले भी गए।
अब अमर उजाला के चीफ रिपोर्टर संतोष सिंह की पड़ताल में केंद्राध्यक्ष बनवाने का खेल उजागर हुआ। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कड़ा रुख अपनाया है। कानपुर यूनिवर्सिटी की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा 5 मार्च से शुरू होंगी। इससे पहले ही यूनिवर्सिटी का सिस्टम ‘बीमार’ हो गया।
प्रबंधक बहाना बनाकर मनचाहे शिक्षक को केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनवा रहे हैं। इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को है, फिर भी कड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा। ऐसा लगता है कि सब कुछ जानकर भी यूनिवर्सिटी अनजान है। दरअसल, यूनिवर्सिटी से अनुमोदित सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्रिंसिपल को ही केंद्राध्यक्ष बनाने का नियम है, जिसकी काट अब कॉलेज प्रबंधकों ने ढूूंढ निकाली है।
केस 1 : निर्मला देवी महाविद्यालय प्रबंधक प्रेम प्रकाश सिंह की ओर से प्रिंसिपल डॉ. मिथिलेश वर्मा की तबीयत खराब होने की अप्लीकेशन यूनिवर्सिटी आई। प्रबंधक ने कहा डॉ. मिथिलेश की जगह निर्मला कुशवाहा को केंद्राध्यक्ष और विष्णु नारायण शुक्ला को सहायक केंद्राध्यक्ष बना दिया जाए। इस निवेदन को यूनिवर्सिटी ने बिना जांच-पड़ताल के स्वीकार कर लिया।
केस 1 : जगन्नाथ सिंह कन्या महाविद्यालय कानपुर देहात के प्रिंसिपल डॉ. रघुवीर की ओर से प्रबंधक ने अर्जी दी कि उनकी बेटी की शादी है। वह परीक्षा के दौरान मौजूद नहीं रह सकते। डॉ. राम प्रकाश शर्मा को केंद्राध्यक्ष बनाया जाए। इसी तरह राजेश सिंह महाविद्यालय कानपुर नगर के प्रिंसिपल की ओर से भी प्रबंधक ने अर्जी दी कि वे परीक्षा के दौरान मौजूद नहीं रह सकते।
अब अमर उजाला के चीफ रिपोर्टर संतोष सिंह की पड़ताल में केंद्राध्यक्ष बनवाने का खेल उजागर हुआ। इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कड़ा रुख अपनाया है। कानपुर यूनिवर्सिटी की संस्थागत और व्यक्तिगत परीक्षा 5 मार्च से शुरू होंगी। इससे पहले ही यूनिवर्सिटी का सिस्टम ‘बीमार’ हो गया।
प्रबंधक बहाना बनाकर मनचाहे शिक्षक को केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनवा रहे हैं। इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी प्रशासन को है, फिर भी कड़ा कदम नहीं उठाया जा रहा। ऐसा लगता है कि सब कुछ जानकर भी यूनिवर्सिटी अनजान है। दरअसल, यूनिवर्सिटी से अनुमोदित सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के प्रिंसिपल को ही केंद्राध्यक्ष बनाने का नियम है, जिसकी काट अब कॉलेज प्रबंधकों ने ढूूंढ निकाली है।
केस 1 : निर्मला देवी महाविद्यालय प्रबंधक प्रेम प्रकाश सिंह की ओर से प्रिंसिपल डॉ. मिथिलेश वर्मा की तबीयत खराब होने की अप्लीकेशन यूनिवर्सिटी आई। प्रबंधक ने कहा डॉ. मिथिलेश की जगह निर्मला कुशवाहा को केंद्राध्यक्ष और विष्णु नारायण शुक्ला को सहायक केंद्राध्यक्ष बना दिया जाए। इस निवेदन को यूनिवर्सिटी ने बिना जांच-पड़ताल के स्वीकार कर लिया।
केस 1 : जगन्नाथ सिंह कन्या महाविद्यालय कानपुर देहात के प्रिंसिपल डॉ. रघुवीर की ओर से प्रबंधक ने अर्जी दी कि उनकी बेटी की शादी है। वह परीक्षा के दौरान मौजूद नहीं रह सकते। डॉ. राम प्रकाश शर्मा को केंद्राध्यक्ष बनाया जाए। इसी तरह राजेश सिंह महाविद्यालय कानपुर नगर के प्रिंसिपल की ओर से भी प्रबंधक ने अर्जी दी कि वे परीक्षा के दौरान मौजूद नहीं रह सकते।
विज्ञापन