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Kanpur News: बीसीसीआई के लोकपाल ने यूपीसीए के खिलाफ हुई शिकायत की खारिज
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कानपुर। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के खिलाफ इसी माह हुई शिकायत को बीसीसीआई के लोकपाल व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज अरुण मिश्रा ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि तीन अगस्त को ईमेल के माध्यम से उन्नाव निवासी उपेंद्र यादव की ओर से यूपीसीए के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें उन्होंने बीसीसीआई के नियम 6(बी) का उल्लंघन करने का आरोप लगा यूपीसीए की मान्यता रद्द करने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि यूपीसीए में पदाधिकारियों को निदेशक नहीं माना जाता और एक अलग निदेशक मंडल स्थापित किया जाता है। यह भी आरोप लगाया था कि यह बीसीसीआई के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
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हालांकि शिकायतकर्ता ने यह नहीं दर्शाया है कि किस आधार पर यह बीसीसीआई के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। न ही यूपीसीए के नियमों का कोई उल्लेख किया है। शिकायत में कोई भी महत्वपूर्ण विवरण नहीं है।
शिकायत के साथ हलफनामा भी दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है और शिकायतकर्ता को प्रक्रिया के अनुसार नई शिकायत दर्ज करने की छूट दी जाती है, जिसमें उचित विवरण दिया जाए और उल्लेख किया जाए कि किस प्रकार और किन प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है।
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उन्होंने जारी आदेश में कहा है कि तीन अगस्त को ईमेल के माध्यम से उन्नाव निवासी उपेंद्र यादव की ओर से यूपीसीए के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसमें उन्होंने बीसीसीआई के नियम 6(बी) का उल्लंघन करने का आरोप लगा यूपीसीए की मान्यता रद्द करने की बात कही थी।
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शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि यूपीसीए में पदाधिकारियों को निदेशक नहीं माना जाता और एक अलग निदेशक मंडल स्थापित किया जाता है। यह भी आरोप लगाया था कि यह बीसीसीआई के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
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हालांकि शिकायतकर्ता ने यह नहीं दर्शाया है कि किस आधार पर यह बीसीसीआई के नियमों और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। न ही यूपीसीए के नियमों का कोई उल्लेख किया है। शिकायत में कोई भी महत्वपूर्ण विवरण नहीं है।
शिकायत के साथ हलफनामा भी दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए इसे खारिज किया जाता है और शिकायतकर्ता को प्रक्रिया के अनुसार नई शिकायत दर्ज करने की छूट दी जाती है, जिसमें उचित विवरण दिया जाए और उल्लेख किया जाए कि किस प्रकार और किन प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है।