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चुटकी बजाते अतीक को अनुमति
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 22 Dec 2016 03:02 PM IST
सार
-काफिले संग कानपुर आने और कार्यकर्ता सम्मेलन की अनुमति देर रात तक नहीं ली थी
-अमर उजाला ने तहकीकात की तो आधे घंटे के भीतर सारी इजाजतें मिल गईं
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अतीक अहमद (फाइल फोटो)
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विस्तार
यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में कुछ राजनीतिक नेता अपनी छवि साफ करने में लगे हैं, लेकिन क्या करें, उनके काले कारनामें पीछा ही नहीं छोड़ते। उल्टा वह इन वजहों से सुर्खियों में और छाए रहते हैं। इससे मुश्किलों भरी इस डगर को पार कर कुर्सी तक पहुंच पाना अग्नि परीक्षा के समान हो गया है।
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जब मुख्यमंत्री अखिलेश संग उलझे थे अतीक अहमद
कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी अतीक अहमद को बुधवार देर रात चुटकी बजाते जनसभा और कार्यकर्ता सम्मेलन की अनुमति मिल गई। इससे पहले आधा घंटे ड्रामा हुआ। जिला प्र्रशासन ने लंबी-चौड़ी नसीहत और कार्रवाई का नाटक दिखाया लेकिन ऊपर से एक फोन आया और सबकुछ जायज हो गया। इससे मुश्किलों भरी इस डगर को पार कर कुर्सी तक पहुंच पाना अग्नि परीक्षा के समान हो गया है।
दरअसल, अतीक को 22 दिसंबर को कानपुर आना है और बाबूपुरवा में जनसभा व कार्यकर्ता सम्मेलन करना है लेकिन इसकी अनुमति उन्होंने देर रात तक जिला प्रशासन से नहीं ली।
अमर उजाला ने रात 10.15 बजे जिला प्रशासन के अफसरों से इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि अतीक ने काफिले संग आने और सभा करने की अनुमति नहीं ली है लिहाजा उनके ज्यादा वाहनों को जिले की सीमा में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही कहा कि बिना अनुमति सम्मेलन हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर में धारा-144 लागू है। सिविल, यातायात पुलिस की क्लियरेंस के बगैर मजिस्ट्रेट की अनुमति नहीं मिलेगी।
दरअसल, अतीक को 22 दिसंबर को कानपुर आना है और बाबूपुरवा में जनसभा व कार्यकर्ता सम्मेलन करना है लेकिन इसकी अनुमति उन्होंने देर रात तक जिला प्रशासन से नहीं ली।
अमर उजाला ने रात 10.15 बजे जिला प्रशासन के अफसरों से इस बाबत पूछा तो उन्होंने कहा कि अतीक ने काफिले संग आने और सभा करने की अनुमति नहीं ली है लिहाजा उनके ज्यादा वाहनों को जिले की सीमा में नहीं घुसने दिया जाएगा। साथ ही कहा कि बिना अनुमति सम्मेलन हुआ तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर में धारा-144 लागू है। सिविल, यातायात पुलिस की क्लियरेंस के बगैर मजिस्ट्रेट की अनुमति नहीं मिलेगी।
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निर्वाचन आयोग की नजर में चढ़े अतीक
अतीक अपने काफिले संग (फाइल फोटो)
इसके बाद अमर उजाला ने 10.30 बजे अतीक अहमद का पक्ष जाना तो उन्होंने कहा अनुमति लेने का काम स्थानीय सपा इकाई का है। मैं बात करता हूं। इसके बाद एसीएम-2 से पूछा गया तो उन्होंने भी अनुमति न होने की बात बताई। सूत्रों के अनुसार इसके बाद अतीक ने लखनऊ फोन खड़खड़ाया और वहां से कानपुर के अफसरों के पास फोन आया। रात 11 बजते-बजते जिला प्रशासन के सुर बदल गए और जिलाधिकारी व एसएसपी ने अनुमति दे देने की जानकारी दी।
निर्वाचन आयोग की नजर में चढ़े
22 दिसंबर की जनसभा के लिए विज्ञापन देने से अतीक अहमद केंद्रीय निर्वाचन आयोग की निगाहों में आ गए हैं। बुधवार को केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (यूपी) टी वेंकटेश ने कानपुर में कानपुर और झांसी मंडल में चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। इसी दौरान अखबारों में छपे अतीक की जनसभा के विज्ञापन पर निर्वाचन अफसरों ने कहा कि इन पर निगाह रखें और पूरी रिपोर्ट आयोग को भेजें।
निर्वाचन आयोग की नजर में चढ़े
22 दिसंबर की जनसभा के लिए विज्ञापन देने से अतीक अहमद केंद्रीय निर्वाचन आयोग की निगाहों में आ गए हैं। बुधवार को केंद्रीय निर्वाचन आयोग के उप निर्वाचन आयुक्त विजय देव और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (यूपी) टी वेंकटेश ने कानपुर में कानपुर और झांसी मंडल में चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। इसी दौरान अखबारों में छपे अतीक की जनसभा के विज्ञापन पर निर्वाचन अफसरों ने कहा कि इन पर निगाह रखें और पूरी रिपोर्ट आयोग को भेजें।