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Kanpur News: काव्यांजलि में कवियों ने अपनी रचनाओं से बांधा समां, हास्य-व्यंग्य पर गूंजे ठहाके
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कानपुर। चित्रा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स की ओर से रविवार को चित्रा डिग्री कॉलेज गल्ला मंडी में आयोजित काव्यांजलि में कवियों ने प्रेम, इन्सानियत, राष्ट्रप्रेम और सामाजिक सरोकारों पर रचनाएं प्रस्तुत कीं। बिहार के नवादा से आए ओंकार शर्मा कश्यप ने सुनाया, राष्ट्रहित में युद्धक होना वर है ये अभिशाप नहीं है, राष्ट्रद्रोही और गद्दारों का शीश काटना पाप नहीं है। कानपुर की आभा द्विवेदी ने अपनी रचना, जो सुकून दे सबको, वो किरदार होना चाहिए, आदमी को दोस्तों, दिलदार होना चाहिए सुनाई।
प्रयागराज के शाहिद सफर ने सुनाया, बहके-बहके हैं मेरे हर लफ्ज, शेर मेरे शराब पीते हैं। छत्तीसगढ़ की किरण सोनी ने अपनी रचना तुमने देखा न आंख भर, वरना हम तो तस्वीर से निकल आते सुनाई। चांदनी पांडेय ने सुनाया, तुम जो होते तो बात कुछ होती, अबके बारिश तो सिर्फ पानी है। अंकुर पाठक और अमित ओमर ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। करतल किशोर ने रचना था बनाना इस जिंदगी को बड़ा, जिंदगी से बड़ी हो गई नौकरी सुनाई। संयोजक अनीता अनुश्री ने जिस घर में बुजुर्गों का बसेरा नहीं होता, उस घर में खुशियों का सवेरा नहीं होता रचना सुनाई। अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम मिश्रा और विनय कुमार माधव ने भी अपनी रचना सुनाई। संयोजन अनीता अनुश्री तथा संचालन डॉ. अरुण तिवारी गोपाल और अजय प्रताप सिंह चौहान ने किया। मुख्य अतिथि सुरेश सचान और विशिष्ट अतिथि गोपाल तुलस्यान ने कवियों को सम्मानित किया। मौके पर चांदनी पांडेय, शिवानी पांडेय, आभा द्विवेदी, सावन शुक्ला सहित अन्य ने काव्यपाठ किया।
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प्रयागराज के शाहिद सफर ने सुनाया, बहके-बहके हैं मेरे हर लफ्ज, शेर मेरे शराब पीते हैं। छत्तीसगढ़ की किरण सोनी ने अपनी रचना तुमने देखा न आंख भर, वरना हम तो तस्वीर से निकल आते सुनाई। चांदनी पांडेय ने सुनाया, तुम जो होते तो बात कुछ होती, अबके बारिश तो सिर्फ पानी है। अंकुर पाठक और अमित ओमर ने हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को गुदगुदाया। करतल किशोर ने रचना था बनाना इस जिंदगी को बड़ा, जिंदगी से बड़ी हो गई नौकरी सुनाई। संयोजक अनीता अनुश्री ने जिस घर में बुजुर्गों का बसेरा नहीं होता, उस घर में खुशियों का सवेरा नहीं होता रचना सुनाई। अध्यक्ष डॉ. राधेश्याम मिश्रा और विनय कुमार माधव ने भी अपनी रचना सुनाई। संयोजन अनीता अनुश्री तथा संचालन डॉ. अरुण तिवारी गोपाल और अजय प्रताप सिंह चौहान ने किया। मुख्य अतिथि सुरेश सचान और विशिष्ट अतिथि गोपाल तुलस्यान ने कवियों को सम्मानित किया। मौके पर चांदनी पांडेय, शिवानी पांडेय, आभा द्विवेदी, सावन शुक्ला सहित अन्य ने काव्यपाठ किया।
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