{"_id":"596347724f1c1b30058b4c71","slug":"ashwatthama-alive-in-kanpur-khereshwar-temple","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मान्यताः इस शिव मंदिर में हर रोज सबसे पहले जल चढ़ाते हैं अश्वत्थामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मान्यताः इस शिव मंदिर में हर रोज सबसे पहले जल चढ़ाते हैं अश्वत्थामा
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Mon, 10 Jul 2017 09:49 PM IST
विज्ञापन
खेरेश्वर धाम मंदिर कानपुर
यूपी के कानपुर में एक ऐसा शिव मंदिर बना हुआ है जो आज पूरे देश में अश्वत्थामा की वजह से काफी चर्चित है। वही अश्वत्थामा जिन्हें संपूर्ण महाभारत के युद्ध में कोई हरा नहीं सका था। मान्यता है कि वह आज भी अपराजित और अमर हैं।
Trending Videos
शिव मंदिर में नाग-नागिन के जोड़ों का आशीर्वाद लेते भक्त
कानपुर के शिवराजपुर गांव के पास बने खेरेश्वर धाम मंदिर में सबसे पहले पूजा करने खुद अश्वत्थामा आते हैं। गांवववालों का दावा है कि वो अमर महामानव अश्वत्थामा है। जो अचानक तेज रौशनी के साथ प्रकट होता है, खड़ाऊं की आवाजें आने लगती हैं और फिर अचानक सन्नाटा छा जाता है।
खेरेश्वर धाम मंदिर कानपुर
कानपुर से 40 किलोमीटर दूर शिवराजपुर गांव के लोगों का दावा है कि वे 36 पीढ़ियों से एक ऐसे इंसान को देख रहे हैं जो आठ फुट लंबा है। नजदीक जाने पर ये इंसान तेज रौशनी के साथ कहीं ओझल हो जाता है। मंदिर के महंत, पुजारी और गांव वालों का ऐसा दावा है कि सावन के पहले सोमवार के दिन खेरेश्वर मंदिर में सबसे पहले खुद अश्वत्थामा महादेव को जल चढ़ा गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
खेरेश्वर धाम मंदिर कानपुर
शिवलिंग के आसपास पानी की छीटें भी पड़ी हैं। हालांकि इसे कुछ लोग केवल आस्था से जुड़ा एक विषय ही मानते हैं। खेरेश्वर मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंचे अधिकतर भक्तों ने इस घटना को सही बताया है। इसकी प्रमाणिकता अभी तक नहीं हो पाई है कि अश्वत्थामा क्या वाकई में जिंदा है।
विज्ञापन
डेमो पिक
भारतीय पौराणिक मान्यता अनुसार आठ चिरंजीवी- बलि, वेदव्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, मारकण्ये ऋषि, परषुराम, अश्वस्थामा हैं। इन सभी का सुबह-सुबह स्मरण करने से बीमारियां दूर होती हैं और मनुष्य सौ वर्षों तक जीता है। द्रोणाचार्य अपने पुत्र अश्वत्थामा से बहुत प्रेम करते थे।