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बीएचयू के कुलपति के खिलाफ परिवाद को अर्जी
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 27 Sep 2017 10:03 AM IST
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अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट में उसने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं
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कानपुर के एक अधिवक्ता ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) वाराणसी के कुलपति के खिलाफ परिवाद दर्ज करने को अर्जी दी है। इसकी सुनवाई छह अक्तूबर को होगी। अधिवक्ता प्रियांशु सक्सेना निवासी गडरिया मोहाल ने कुलपति प्रोफेसर गिरीश चंद्र त्रिपाठी के खिलाफ छेड़छाड़ और जानलेवा हमले का परिवाद दर्ज कराने को अर्जी दी है।
इसमें कहा गया है कि कुलपति के आदेश पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं पर थाना लंका वाराणसी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसलिए कुलपति के खिलाफ छेड़खानी और जानलेवा हमले का परिवाद दर्ज कराया जाए। उसने यह घटना बार एसोसिएशन में आए अखबारों में पढ़ी है। इसलिए मामले का संज्ञान लेने का अधिकार सीएमएम कोर्ट को है। अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट में उसने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं।
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इसमें कहा गया है कि कुलपति के आदेश पर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं पर थाना लंका वाराणसी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इसलिए कुलपति के खिलाफ छेड़खानी और जानलेवा हमले का परिवाद दर्ज कराया जाए। उसने यह घटना बार एसोसिएशन में आए अखबारों में पढ़ी है। इसलिए मामले का संज्ञान लेने का अधिकार सीएमएम कोर्ट को है। अधिवक्ता का कहना है कि कोर्ट में उसने अपने बयान भी दर्ज करा दिए हैं।
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