Sikh Riots: सिख विरोधी दंगे के एक आरोपी की मौत, हैलट में तोड़ा दम, 12 जुलाई को एसआईटी ने भेजा था जेल
कानपुर में वर्ष 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में एसआईटी ने72 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल पहुंचने के सात दिन बाद ही आरोपी की तबीयत बिगड़ गई थी।
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कानपुर में सिख विरोधी दंगे के आरोपी धीरेंद्र कुमार तिवारी की शनिवार रात हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई। पिछले पांच दिनों से उसका इलाज चल रहा था। 72 वर्षीय आरोपी शुगर, बीपी समेत कई गंभीर बीमारी से ग्रसित था। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया।सिख विरोधी दंगों में कानपुर में 127 सिखों की हत्या की गई थी।इसमें एक घटना को किदवई नगर के ब्लॉक में अंजाम दिया गया था।
दंगाइयों ने सार्दुल सिंह व गुरुदयाल सिंह की हत्या कर शव जला दिए थे। एसआईटी ने केस की विवेचना के दौरान 12 जुलाई को किदवई नगर वाई ब्लॉक निवासी धीरेंद्र कुमार तिवारी के साथ रजत लाल पांडेय व दीपक को जेल भेजा था।जेल पहुंचने के बाद से ही धीरेंद्र की तबीयत बिगड़ती गई। 23 अगस्त से धीरेंद्र का हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा था। शनिवार देर रात धीरेंद्र की मौत हो गई।
दो बार हुआ था भर्ती, हालत थी गंभीर
12 जुलाई को धीरेंद्र कुमार जेल में दाखिल हुआ था। तबीयत बिगड़ने पर 19 जुलाई को पहले उसे उर्सला और फिर हैलट में भर्ती कराया गया था। 20 अगस्त को अस्पताल से वापस जेल पहुंचा था। 23 अगस्त को फिर से तबीयत बिगड़ी थी, जिसके बाद से हैलट में उसका इलाज चल रहा था।
सिख विरोधी दंगों के आरोपी काफी उम्रदराज हैं। जेल अस्पताल के डॉक्टरों की वह निगरानी में हैं। विशेष रूप से इनका ध्यान रखा जा रहा है। यही वजह है कि तबीयत बिगड़ने पर बिना किसी देरी के धीरेंद्र को हैलट में भर्ती कराया गया था। -बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक