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चायवाले की बिटिया को अंबेडकर नेशनल अवार्ड
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 04 Jun 2017 12:40 AM IST
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कंचन वर्मा डीएम के साथ
किसी ने सच ही कहा है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, मेहनत करने वालों के घर तक सफलता चल कर आती है। कानपुर के चायवाले की बिटिया को सरकार ने डॉ. अंबेडकर नेशनल मेरिट अवार्ड से नवाजा है। उसने 2015 की हाईस्कूल की परीक्षा में 95.6 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। प्रदेश में अनुसूचित जनजाति की इकलौती कंचन को ही इस अवार्ड के लिए चुना गया है। प्रदेश की अनुसूचित जाति की 32 अन्य छात्राओं का चयन भी इस अवार्ड में हुआ है।
डॉ. अंबेडकर प्रतिष्ठान भारत सरकार की तरफ से हाईस्कूल और इंटर में अच्छे अंक लाने वाली अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को डॉ. अंबेडकर नेशनल अवार्ड के लिए चुना जाता है। कानपुर रविदासपुरम गुजैनी गांव निवासी कंचन वर्मा अनुसूचित जनजाति वर्ग से इस अवार्ड में पहले स्थान पर रही। उसने शिवाजी इंटर कालेज, केशव नगर से 2015 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी।
अब भी वह इंटर में इसी कालेज में पढ़ रही है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शनिवार को कंचन वर्मा को अपने दफ्तर में बुलाकर अवार्ड और 60 हजार रुपये दिए। कंचन वर्मा के पिता पनकी साइट नंबर दो में चाय की दुकान चलाते हैं। कंचन की बड़ी बहन रजनी वर्मा ने इस साल इंटर की परीक्षा दी है। छोटा भाई हेमंत वर्मा चिंटल्स स्कूल रतनलाल नगर में कक्षा सात का छात्र है। कंचन का सपना डॉक्टर बनने का है।
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डॉ. अंबेडकर प्रतिष्ठान भारत सरकार की तरफ से हाईस्कूल और इंटर में अच्छे अंक लाने वाली अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की छात्राओं को डॉ. अंबेडकर नेशनल अवार्ड के लिए चुना जाता है। कानपुर रविदासपुरम गुजैनी गांव निवासी कंचन वर्मा अनुसूचित जनजाति वर्ग से इस अवार्ड में पहले स्थान पर रही। उसने शिवाजी इंटर कालेज, केशव नगर से 2015 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी।
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अब भी वह इंटर में इसी कालेज में पढ़ रही है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने शनिवार को कंचन वर्मा को अपने दफ्तर में बुलाकर अवार्ड और 60 हजार रुपये दिए। कंचन वर्मा के पिता पनकी साइट नंबर दो में चाय की दुकान चलाते हैं। कंचन की बड़ी बहन रजनी वर्मा ने इस साल इंटर की परीक्षा दी है। छोटा भाई हेमंत वर्मा चिंटल्स स्कूल रतनलाल नगर में कक्षा सात का छात्र है। कंचन का सपना डॉक्टर बनने का है।
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