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अकबरपुर में निकाय ने रोपे नौ सौ पौधे, जांच में मौके पर मिले सिर्फ पांच
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कानपुर देहात। शासन की प्राथमिकता हरियाली बढ़ाने की है। वहीं अकबरपुर निकाय में पौधरोपण में लापरवाही की गई। जांच टीम को लगाए गए नौ सौ पौधों में मौके पर सिर्फ पांच ही सुरक्षित मिले।
बजरंग नगर के करन सिंह ने पौधरोपण में अनियमितता की शिकायत की थी। इसकी जांच जिला स्तरीय तीन सदस्यीय टीम से कराई गई। वर्ष 2019-20 में निकाय में 8399 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था।
इसके सापेक्ष 21 स्थलों पर 8499 पौधे लगाए गए। पौधरोपण की हकीकत की जांच के लिए 14 सितंबर को जिलास्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने तीन स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण किया।
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इसमें माती रोड सलावतपुर तक, माती रोड से रमपुरा होकर पुलिस लाइन तक और शुक्ल तालाब से जमालपुर तक नौ सौ पौधे लगाए गए थे। स्थलीय निरीक्षण में केवल पांच पौधे सुरक्षित पाए गए।
ईओ के प्रतिनिधि लिपिक राजेश कुमार ने पौधे सुरक्षित नहीं होने के पीछे धन की कमी के चलते ट्री गार्ड नहीं लगवाने का तर्क दिया। नगर पंचायत की लापरवाही व धन दुरुपयोग की रिपोर्ट जांच टीम ने डीएम को सौंपी है।
डीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने बताया कि अब डीएम के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को संदर्भित किया जाएगा।
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बजरंग नगर के करन सिंह ने पौधरोपण में अनियमितता की शिकायत की थी। इसकी जांच जिला स्तरीय तीन सदस्यीय टीम से कराई गई। वर्ष 2019-20 में निकाय में 8399 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था।
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इसके सापेक्ष 21 स्थलों पर 8499 पौधे लगाए गए। पौधरोपण की हकीकत की जांच के लिए 14 सितंबर को जिलास्तरीय तीन सदस्यीय टीम ने तीन स्थानों पर स्थलीय निरीक्षण किया।
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इसमें माती रोड सलावतपुर तक, माती रोड से रमपुरा होकर पुलिस लाइन तक और शुक्ल तालाब से जमालपुर तक नौ सौ पौधे लगाए गए थे। स्थलीय निरीक्षण में केवल पांच पौधे सुरक्षित पाए गए।
ईओ के प्रतिनिधि लिपिक राजेश कुमार ने पौधे सुरक्षित नहीं होने के पीछे धन की कमी के चलते ट्री गार्ड नहीं लगवाने का तर्क दिया। नगर पंचायत की लापरवाही व धन दुरुपयोग की रिपोर्ट जांच टीम ने डीएम को सौंपी है।
डीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने बताया कि अब डीएम के माध्यम से आगे की कार्रवाई के लिए प्रकरण शासन को संदर्भित किया जाएगा।