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शहर की हवाओं में घुला जहर, प्रदूषण से घर-बाहर कहीं राहत नहीं, आंखों में जलन सांस लेने में परेशानी
Sat, 02 Nov 2019 02:43 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 02 Nov 2019 02:43 PM IST
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प्रदूषण की वजह से मास्क पहन कर निकले लोग
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में ठंड की शुरुआत में दिवाली के पटाखों के धुएं ने वातावरण को प्रदूषित कणों से भर दिया है। इससे लोगों सांस लेने में तकलीफ होने लगी है। घर, बाहर कहीं राहत नहीं है। धुंध से मॉर्निंग और इवनिंग वाक तक प्रभावित है। सांस और दूसरी बीमारियों से ग्रस्त लोगों की समस्या में इजाफा हो गया है।
शुक्रवार को भी झकरकटी, किदवई नगर, अफीम कोठी, जरीब चौकी, परेड, टाटमिल जैसे स्थानों पर प्रदूषण की स्थिति खराब रही। जुही के आसपास रहने वालों के लिए यहां उड़ने वाली राख अब और खतरनाक हो गई है। राख के ऊपर नहीं जा पाने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही।
झकरकटी निवासी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मैंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली में अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराई है। सुबह और शाम के समय घर के आसपास झकरकटी, टाटमिल, जुही का पूरा क्षेत्र इतना प्रदूषित रहने लगा है कि सांस लेने में दिक्कत हो रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि कहां जाऊं। परिवार के लोग भी परेशान हैं।
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कारवालो नगर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि सुबह तो किसी तरह चल जाता है लेकिन शाम के समय घर के बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया है। धुंध और धुएं से आंख में जलन होने लग रही है। पानी से आंखें धुलने पर ही राहत मिलती है। घर के बुजुर्गों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है।
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शुक्रवार को भी झकरकटी, किदवई नगर, अफीम कोठी, जरीब चौकी, परेड, टाटमिल जैसे स्थानों पर प्रदूषण की स्थिति खराब रही। जुही के आसपास रहने वालों के लिए यहां उड़ने वाली राख अब और खतरनाक हो गई है। राख के ऊपर नहीं जा पाने से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही।
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झकरकटी निवासी जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि मैंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली में अपनी किडनी ट्रांसप्लांट कराई है। सुबह और शाम के समय घर के आसपास झकरकटी, टाटमिल, जुही का पूरा क्षेत्र इतना प्रदूषित रहने लगा है कि सांस लेने में दिक्कत हो रही है। समझ में नहीं आ रहा है कि कहां जाऊं। परिवार के लोग भी परेशान हैं।
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कारवालो नगर शैलेंद्र गुप्ता ने बताया कि सुबह तो किसी तरह चल जाता है लेकिन शाम के समय घर के बाहर निकलना काफी मुश्किल हो गया है। धुंध और धुएं से आंख में जलन होने लग रही है। पानी से आंखें धुलने पर ही राहत मिलती है। घर के बुजुर्गों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत हो रही है।