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दान पाकर बोले, जुग-जुग जियो बेटा
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Mon, 16 Nov 2015 02:07 AM IST
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जीवन प्रेम प्रसार संस्था की ओर से नौबस्ता स्थित बसंत उद्यान में आयोजित 50 वें दान यज्ञ समारोह में दूर-दूर से आए गरीब, जरूरतमंदों, बुजुर्गों को कपड़े, कंबल, बर्तन, शाल आदि आवश्यक वस्तुएं दान की गईं। महाप्रसाद में शाम तक हजारों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। समारोह से पूर्व महिलाओं ने कलश शोभायात्रा निकाली। संस्था के संस्थापक संत हरिओम ने बताया कि समारोह में पांच हजार से अधिक लोगों को दान दिया गया।
बसंत उद्यान में सुबह से पहले से तय जरूरतमंदों की भीड़ बसों-ट्रैक्टर, लोडर और आटो से पहुंचने लगी। दोपहर के 12 बजे तक पूरा उद्यान भीड़ से खचाखच भर गया। कोई विकलांग ट्राइ साइकिल पर तो कोई बुजुर्ग झुकी कमर के साथ लाठी के सहारे दान पाने पहुंचा। सबके लिए पहले नाश्ते का इंतजाम किया गया।
आईजी जोन आशुतोष पांडे और एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने अपने हाथों से दान दिया तो चेहरे खिल उठे। दान का थैला पाते ही लोग ‘जुग-जुग जियो बेटा’ और न जाने कितने आशीष देते रहे। हजारों महिलाएं, पुरुष, बच्चे सब पूरी तरह अनुशासित बारी-बारी से दान ग्रहण करते रहे। मगरासा से आई बुजुर्ग महिला आशा देवी ने कहा कि इतने लोगों को एक साथ दान देना वाकई पुण्य का कार्य है।
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सामी गांव की शांती देवी के मुताबिक दान में मिले कंबल और शाल के सहारे इस बार सर्दी आराम से कट जाएगी। बुजुर्ग रामसेवक ने कहा कि दान यज्ञ में आकर पता चला कि कितना महान काम हो रहा है। इस दौरान रामचर्चा करते हुए संत हरिओम ने कहा कि व्यक्ति धनवान तभी बनता है, जब वह मन से भी धनवान हो, दूसरों के काम आए। दान की प्रवृत्ति सामाजिक संरचना व एकता को मजबूत कर समरसता को स्थापित करती है।
उन्होंने बताया कि संस्था बिधनू के हरबसपुर में ‘भारत की आत्मा-महात्मा मंदिर’ का भी निर्माण करा रही है। जिसकी मदद से युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और राष्ट्र व समाज के निर्माण में योगदान दिया जाएगा। मंदिर के शिलालेखों पर राष्ट्रापिता महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद के विचारों को अंकित किया जाएगा।
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बसंत उद्यान में सुबह से पहले से तय जरूरतमंदों की भीड़ बसों-ट्रैक्टर, लोडर और आटो से पहुंचने लगी। दोपहर के 12 बजे तक पूरा उद्यान भीड़ से खचाखच भर गया। कोई विकलांग ट्राइ साइकिल पर तो कोई बुजुर्ग झुकी कमर के साथ लाठी के सहारे दान पाने पहुंचा। सबके लिए पहले नाश्ते का इंतजाम किया गया।
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आईजी जोन आशुतोष पांडे और एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने अपने हाथों से दान दिया तो चेहरे खिल उठे। दान का थैला पाते ही लोग ‘जुग-जुग जियो बेटा’ और न जाने कितने आशीष देते रहे। हजारों महिलाएं, पुरुष, बच्चे सब पूरी तरह अनुशासित बारी-बारी से दान ग्रहण करते रहे। मगरासा से आई बुजुर्ग महिला आशा देवी ने कहा कि इतने लोगों को एक साथ दान देना वाकई पुण्य का कार्य है।
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सामी गांव की शांती देवी के मुताबिक दान में मिले कंबल और शाल के सहारे इस बार सर्दी आराम से कट जाएगी। बुजुर्ग रामसेवक ने कहा कि दान यज्ञ में आकर पता चला कि कितना महान काम हो रहा है। इस दौरान रामचर्चा करते हुए संत हरिओम ने कहा कि व्यक्ति धनवान तभी बनता है, जब वह मन से भी धनवान हो, दूसरों के काम आए। दान की प्रवृत्ति सामाजिक संरचना व एकता को मजबूत कर समरसता को स्थापित करती है।
उन्होंने बताया कि संस्था बिधनू के हरबसपुर में ‘भारत की आत्मा-महात्मा मंदिर’ का भी निर्माण करा रही है। जिसकी मदद से युवा पीढ़ी को संस्कारवान बनाने और राष्ट्र व समाज के निर्माण में योगदान दिया जाएगा। मंदिर के शिलालेखों पर राष्ट्रापिता महात्मा गांधी, स्वामी विवेकानंद के विचारों को अंकित किया जाएगा।