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फरार अधिकारियों पर कसेगा शिकंजा

Fri, 15 Jul 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर Updated Fri, 15 Jul 2016 12:41 AM IST
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Absconding officials will give a decision on the screws
अ‌िध्‍ाधिकारी
नई दिल्ली। सीडीआर निकलवा कर जासूसी करने के मामले में बीएलएस कंपनी के अधिकारी अभी फरार हैं। अपराध शाखा इन फरार अधिकारियों और कपंनी के मालिकों की गिरफ्तारी के लिए लुकआउट नोटिस जारी करने पर विचार कर रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो कंपनी के अधिकारियों ने जयवीर के जरिये कई लोगों की सीडीआर निकलवाई थी। मामला का खुलासा होते ही सभी अधिकारी फरार हो गए। वहीं बृहस्पतिवार को अपराध शाखा की एक टीम कानपुर के लिए रवाना हो गई। नरेंद्र ने खुलासा किया था कि कानपुर पुलिस के एक एसआई व अन्य पुलिसकर्मी की मदद से वह सीडीआर निकलवाकर बेच रहा था। उसी मामले की छानबीन के लिए पुलिस कानपुर के लिए रवाना हुई है।
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दिल्ली पुलिस सूत्रों की मानें तो बृहस्पतिवार को भी पुलिस ने नरेंद्र से पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह यूपी पुलिस के एसआई व एक अन्य सिपाही की मदद से सीडीआर निकलवा रहा था। कानपुर पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस इन पुलिसकर्मियों को पूछताछ में शामिल होने का नोटिस देगी। जांच में अगर यह दोषी पाए गए तो इनकी गिरफ्तारी होगी। अपराध शाखा लगातार बीएलएस सोल्यूशन मैनेजमेंट कंपनी के फरार अधिकारी विनोद चौधरी, सुनील पाठक, व चेयरमैन विनोद व दिवाकर अग्रवाल की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस आशंका जा रही है कि आरोपी विदेश भाग सकते हैं। ऐसे में इनको पकड़ने के लिए ही लुकआउट नोटिस जारी किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सीडीआर निकालने का आदेश हार्डकापी पर देंगे
 डीआईजी ऑफिस में हुई क्राइम मीटिंग में गुरुवार को सीडीआर बेचने वाले सिपाही का मामला छाया रहा। डीआईजी ने रेंज के छहों जिलों के कप्तानों को सर्विलांस में सावधानी बरतते हुए सभी मेल आईडी के पासवर्ड बदलने को कहा है। सूबे में चुनावी माहौल पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वालों पर नजर रखने को कहा गया है। पुलिस की छवि सुधारने पर भी जोर दिया गया। बता दें कि आईजी सर्विलांस सेल कानपुर के सिपाही नरेंद्र चौधरी को दिल्ली क्राइम ब्रांच पुलिस ने कई लोगों की सीडीआर लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। क्राइम मीटिंग में सभी कप्तानों से सर्विलांस सेल की कमान अपने हाथ में रखते हुए सीडीआर निकालने का आदेश हार्डकापी पर देने को कहा गया। शहर पुलिस को भी अब तक पता चल चुका है कि सीडीआर बेचने के आरोपी सिपाही नरेंद्र ने किसकी मेल आईडी से सीडीआर निकालीं, लेकिन शहर पुलिस अभी इसपर कुछ खुल कर नहीं बोल रही है। सीडीआर निकालकर बेचने का यह धंधा कब से चल रहा था, इस पर भी जानकारी ली गई। मीटिंग में ऐसी घटनाओं पर अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने पर भी चर्चा हुई। शिवालयों के आसपास सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाये रखने पर शासन की मंशा पर चर्चा हुई। पुराने मामलों में चार्जशीट लगाने और यथाशीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी कानपुर ने बताया कि एसपी पूर्वी ने नरेंद्र मामले की जांच शुरु कर दी है।
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नरेंद्र का पैसा ब्याज पर
सूत्रों के मुताबिक सीडीआर बेचकर कमाई गई रकम को आरोपी सिपाही नरेंद्र रियल इस्टेट में और ब्याज पर लगाए हुए था। चकेरी के एक सपा नेता समेत नरेंद्र ने कई लोगों को ब्याज पर लाखों की रकम दे रखी है। नरेंद्र हर महीने ब्याज के रूप में भारी रकम कमा रहा था। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक नरेंद्र के बैंक अकाउंट में 20 लाख से अधिक की रकम मिली है। माना जा रहा कि रिमांड के दौरान नरेंद्र को कानपुर लाया जाएगा तो यहां उसका सामना कुछ और लोगों से करवाया जा सकता है।
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