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बाजार में आए आरबीआई के फर्जी क्रेडिट कार्ड

Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
Kanpur
Kanpur Updated Sat, 22 Nov 2014 05:30 AM IST
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कानपुर। सावधान! शातिर ठगों ने रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआई) के फर्जी क्रेडिट कार्ड तैयार कर लोगों को भेजना शुरू किया है। इसमें रिजर्व बैंक का नाम और लोगो भी छपा है। फर्जी क्रेडिट कार्ड में थोड़ा एमाउंट भी होता है जिसको खर्च करने के बाद आपको विश्वास में लेकर फर्जी क्रेडिट कार्ड से संबंधित अकाउंट में पैसा डालने को कहा जाता है। जैसे ही अकाउंट में पैसा डाला जाता है, क्रेडिट कार्ड बंद हो जाता है और पैसा साफ। बड़ी संख्या में लोगों के इसके शिकार बनने की घटनाओं को देखते हुए रिजर्व बैंक ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को अलर्ट जारी किया है। आरबीआई ने साफ कहा है कि इस तरह का कोई क्रेडिट कार्ड रिजर्व बैंक नहीं जारी करता है। अगर किसी नागरिक को यह भेजा जाए तो यूज न करे।
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रिजर्व बैंक के मुंबई मुख्यालय से गुरुवार को कानपुर के क्षेत्रीय निदेशालय को पत्र मिला है। इसमें बैंक की प्रिंसिपल चीफ जनरल मैनेजर अल्पना किलावाला ने आगाह करते हुए कहा है कि फ्रॉड के इस नए तरीके में शातिर ठग लोगों को क्रेडिट कार्ड भेजते हैं, जिसमें रिजर्व बैंक का नाम और लोगो दर्ज होता है। इसके बाद उस व्यक्ति को फोन करके बताया जाता है कि यह खास सुविधा रिजर्व बैंक ने खास लोगों के लिए शुरू की है। उसे यह भी बताया जाता है कि किसी भी एटीएम या प्वाइंट ऑफ सेल या स्वाइप मशीन पर इसका ट्रायल किया जा सकता है। कुछ मामूली रकम भी इस कार्ड में होती है। कार्ड धारक एटीएम और स्वाइप मशीन पर इसे इस्तेमाल करता है तो यह काम करता है। इससे कार्ड धारक का भरोसा जम जाता है। बाद में शातिर ठग उस व्यक्ति को फोन करके उसे कार्ड से संबंधित अकाउंट नंबर और अन्य दस्तावेज भेजता है। साथ ही वह उसे अधिक राशि अपने क्रेडिट कार्ड अकाउंट में रखने की सलाह देता है। इसके पीछे वह तमाम फायदे भी गिनाता है। कार्ड को कार्यरत देख लोग इस झांसे में आ जाते हैं। वे जैसे ही कार्ड से संबंधित खाते में पैसा जमा कराते हैं, तत्काल कार्ड काम करना बंद कर देता है और पैसा भी खाते से साफ कर लिया जाता है। अल्पना किलावाला ने सीधे तौर पर सतर्कता बरतने और इस बाबत जानकारी ज्यादा से ज्यादा फैलाने के निर्देश स्थानीय अफसरों को दिए हैं।
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ऐसी कोई गतिविधि नहीं करता आरबीआई
कानपुर। रिजर्व बैंक ने साफ तौर पर वॉर्निंग जारी करते हुआ कहा है कि आम लोगों के लिए बैंक किसी तरह की वित्तीय गतिविधि नहीं करता है। यहां से न तो क्रेडिट-डेबिट कार्ड जारी होता है, न ही कोई खाता खोला जाता है और न ही इंटरनेट बैंकिंग आदि की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने ऐसे प्रलोभन से सचेत रहने के लिए कहा है। यदि कोई इस तरह का प्रलोभन देता है तो तत्काल अपने शहर की साइबर सेल को इसकी सूचना देने के लिए भी कहा है।
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नौकरी का भी मिल रहा झांसा
कानपुर। रिजर्व बैंक की प्रतिष्ठित नौकरी के लिए भी कुछ लोग युवाओं से अच्छी-खासी रकम की वसूली कर रहे हैं। इस बाबत भी रिजर्व बैंक ने चेतावनी जारी की है। बैंक अधिकारियों के मुताबिक आरबीआई में नौकरी के लिए समय-समय पर वैकेंसी जारी की जाती है। इसमें किसी प्रकार से जोड़-जुगाड़ की संभावना नहीं होती। कैंडिडेट अपनी योग्यता के आधार पर रखे जाते हैं। उन्होंने ऐसे किसी व्यक्ति की बातों में न आने की सलाह दी है।
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पूर्व में हुआ घपले -:
- रिजर्व बैंक से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट भी पूर्व में आ चुकी है। इसका शिकार भी बड़ी संख्या में लोग बन चुके हैं।
- बैंक खातों की सूचना देने संबंधी रिजर्व बैंक के ई-मेल भी लोगों के पास पहुंचने शुरू हुए थे, जिससे तमाम के साथ ठगी हुई है।
- विदेशों में लावारिस व्यक्ति की मौत की बात बताकर उसकी संपत्ति में हिस्सेदार बनाने का प्रलोभन देकर भी खूब लूट मच चुकी है।
- नामी कंपनियों के लकी-ड्रॉ में करोड़ों की रकम जीतने की बात कहकर आम लोगों के संग ठगी के तमाम मामले आए हैं।
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