{"_id":"38-185238","slug":"Kanpur-185238-38","type":"story","status":"publish","title_hn":"योगेंद्र विहार में खंभे और ट्रांसफार्मर एक माह में ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योगेंद्र विहार में खंभे और ट्रांसफार्मर एक माह में
Kanpur
Updated Thu, 12 Jun 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कानपुर। योगेंद्र विहार के नागरिकों का संघर्ष रंग लाने लगा है। पूरी उम्मीद है कि यहां एक माह के अंदर बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। प्रशासन की पहल पर केस्को ने आनन-फानन में इसके लिए 12.50 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर लिया है। यह काम जल्द शुरू कराया जाएगा।
योगेंद्र विहार में दो जून को बिजली, पानी और सड़क की मांग को लेकर दीप सिंह परमार आमरण अनशन पर बैठे थे। एसीएम प्रथम सतीश चंद्र ने झूठा आश्वासन देकर दीप सिंह परमार का अनशन खत्म करा दिया था। ‘अमर उजाला’ के मामला उठाने पर भाजपा विधायक सतीश महाना ने केस्को एमडी एसएन वाजपेयी से मुलाकात कर सोसाइटी वाले क्षेत्र योगेंद्र विहार में विद्युतीकरण की मांग की थी। उन्होंने विधायक निधि से धन देने की बात भी कही थी। हालिया घटनाक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि प्रशासन के कहने पर केस्को ने योगेंद्र विहार में दस खंभे, लाइन और एक 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाने का 12.50 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर लिया है। केस्को एमडी ने मंगलवार को इसकी पूरी जानकारी दी है। केस्को सोसाइटी क्षेत्र में काम नहीं करा सकता है। प्रशासन के सुझाव पर केस्को यह काम मेंटीनेंस वर्क के मद में करेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही योगेंद्र विहार में काम शुरू हो जाएगा। केस्को ने एक माह में काम पूरा करने का समय दिया है।
--
इनसेट- दो टूक- कृपया फोटो भी लगा लें
हां, मैंने बुलवाया था झूठ-एडीएम सिटी
योगेंद्र विहार में बिजली, पानी और सड़क की समस्या को लेकर दीप सिंह परमार का आमरण अनशन झूठा आश्वासन देकर तुड़वाने के मामले में एसीएम प्रथम सतीश चंद्र बार-बार एडीएम सिटी के आदेश का अनुपालन कराने का इशारा कर रहे थे। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले पर मंगलवार को एडीएम सिटी से बात की-
विज्ञापन
सवाल-झूठा आश्वासन देकर आमरण अनशन खत्म कराने के मामले में बार-बार एसीएम प्रथम आपकी की ओर इशारा कर रहे हैं। क्या आपने झूठ बोलने को कहा था?
जवाब-हां-हां, मैंने अनशनकारी की जान बचाने के लिए किसी भी तरह का आश्वासन देकर आमरण अनशन खत्म कराने को कहा था। अगर आपको लगता है कि मैंने झूठा आश्वासन दिलवाया था तो हां मैंने जनहित में किसी की जान बचवाने के लिए झूठ बुलवाया था।
-
सवाल-जान बचाने को मतलब..?
जवाब- एलआईयू और मेडिकल रिपोर्ट थी कि अनशनकारी की हालत बिगड़ रही है। अगर आमरण अनशन न खत्म करवाया गया होता तो अनशनकारी को दिक्कत आती।
-
सवाल-तो झूठा आश्वासन देकर प्रशासन ने अपना काम खत्म मान लिया। जनहित में काम क्यों नहीं करा रहा प्रशासन?
जवाब-अमर उजाला देखने के बाद सुबह ही एमडी से बात की थी। उन्होंने इस्टीमेट बनवा लिया है..(यह कहते हुए घर फोन मिलाया...पत्नी से मेज पर एक फाइल होने की बात कहते हुए देखकर डिटेल बताने को कहा और कुछ नोट करते रहे).. हां, देखिए 12.50 लाख का इस्टीमेट बना है। काम जल्द शुरू होगा। एक माह में योगेंद्र विहार में खंभे लग जाएंगे।
--
विज्ञापन
योगेंद्र विहार में दो जून को बिजली, पानी और सड़क की मांग को लेकर दीप सिंह परमार आमरण अनशन पर बैठे थे। एसीएम प्रथम सतीश चंद्र ने झूठा आश्वासन देकर दीप सिंह परमार का अनशन खत्म करा दिया था। ‘अमर उजाला’ के मामला उठाने पर भाजपा विधायक सतीश महाना ने केस्को एमडी एसएन वाजपेयी से मुलाकात कर सोसाइटी वाले क्षेत्र योगेंद्र विहार में विद्युतीकरण की मांग की थी। उन्होंने विधायक निधि से धन देने की बात भी कही थी। हालिया घटनाक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन ने इस मामले में गंभीरता दिखाई। एडीएम सिटी अविनाश सिंह ने बताया कि प्रशासन के कहने पर केस्को ने योगेंद्र विहार में दस खंभे, लाइन और एक 250 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाने का 12.50 लाख रुपये का इस्टीमेट तैयार कर लिया है। केस्को एमडी ने मंगलवार को इसकी पूरी जानकारी दी है। केस्को सोसाइटी क्षेत्र में काम नहीं करा सकता है। प्रशासन के सुझाव पर केस्को यह काम मेंटीनेंस वर्क के मद में करेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही योगेंद्र विहार में काम शुरू हो जाएगा। केस्को ने एक माह में काम पूरा करने का समय दिया है।
विज्ञापन
--
इनसेट- दो टूक- कृपया फोटो भी लगा लें
हां, मैंने बुलवाया था झूठ-एडीएम सिटी
योगेंद्र विहार में बिजली, पानी और सड़क की समस्या को लेकर दीप सिंह परमार का आमरण अनशन झूठा आश्वासन देकर तुड़वाने के मामले में एसीएम प्रथम सतीश चंद्र बार-बार एडीएम सिटी के आदेश का अनुपालन कराने का इशारा कर रहे थे। ‘अमर उजाला’ ने इस मामले पर मंगलवार को एडीएम सिटी से बात की-
विज्ञापन
सवाल-झूठा आश्वासन देकर आमरण अनशन खत्म कराने के मामले में बार-बार एसीएम प्रथम आपकी की ओर इशारा कर रहे हैं। क्या आपने झूठ बोलने को कहा था?
जवाब-हां-हां, मैंने अनशनकारी की जान बचाने के लिए किसी भी तरह का आश्वासन देकर आमरण अनशन खत्म कराने को कहा था। अगर आपको लगता है कि मैंने झूठा आश्वासन दिलवाया था तो हां मैंने जनहित में किसी की जान बचवाने के लिए झूठ बुलवाया था।
-
सवाल-जान बचाने को मतलब..?
जवाब- एलआईयू और मेडिकल रिपोर्ट थी कि अनशनकारी की हालत बिगड़ रही है। अगर आमरण अनशन न खत्म करवाया गया होता तो अनशनकारी को दिक्कत आती।
-
सवाल-तो झूठा आश्वासन देकर प्रशासन ने अपना काम खत्म मान लिया। जनहित में काम क्यों नहीं करा रहा प्रशासन?
जवाब-अमर उजाला देखने के बाद सुबह ही एमडी से बात की थी। उन्होंने इस्टीमेट बनवा लिया है..(यह कहते हुए घर फोन मिलाया...पत्नी से मेज पर एक फाइल होने की बात कहते हुए देखकर डिटेल बताने को कहा और कुछ नोट करते रहे).. हां, देखिए 12.50 लाख का इस्टीमेट बना है। काम जल्द शुरू होगा। एक माह में योगेंद्र विहार में खंभे लग जाएंगे।
--