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मवेशी पकड़ने गए पालिक कर्मियों से नोकझोक
Updated Mon, 18 Dec 2017 11:53 PM IST
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फर्रुखाबाद। पटेल पार्क में आवारा पशु पकड़ते समय लोगों का पालिका कर्मचारियों से विवाद हो गया। उनका कहना था कि पशुओं को आसान तरीके से पकड़ा जाए। उनके साथ क्रूरता न हो। जैसे-तैसे मामला शांत होने पर दो मवेशी ही पकड़े जा सके। पालिका कर्मचारियों का कहना था कि लोगों के विरोध के चलते ही आवारा पशुओं से निजात नहीं मिल पा रही है।
जिलाधिकारी के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन प्राथमिकता से शहर में आवारा पशु पकड़ो अभियान चला रही है। सीएसआई केपी सिंह, बड़े बाबू जितेंद्र मिश्र और जेई मुकेश जायसवाल व अन्य कर्मचारी काऊ कैप्चर लेकर पटेल पार्क पहुंचे। कर्मचारियों ने पटेल पार्क में आवारा पशुओं को पकड़ना शुरू किया तो इधर-उधर दौड़ने लगे।
कर्मचारियों ने रस्सी आदि बांधकर वैन में बैठाने लगे। यह देख स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पशुओं को क्रूरता के साथ न पकड़ा जाए। इसको लेकर पालिका कर्मचारियों और लोगों के बीच नोकझोंक होने लगी। कुछ लोगों ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया। पालिका कर्मचारियों ने पकड़ी गई गायों को
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बीबीगंज स्थित बेड़ारास भिजवाया। बड़े बाबू और सीएसआई ने जिला प्रशासन से मांग की कि आवारा पशुओं को पकड़वाने के दौरान पुलिस बल मुहैया कराया जाए। सीएसआई ने कहा कि शहर में कई संगठन हैं, जो पशुओं को पकड़ने का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि आसानी से पशु कैप्चर में नहीं चढ़ते हैं, जिस वजह से उन्हें जबरन चढ़ाना पड़ता है। जल्द ही पालिका बड़ी डीसीएम खरीदने जा रही है, जिससे पशुओं को पकड़ने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि अब तक 13 गायों को पकड़कर बेड़ारास में बंद कराया जा चुका है।
छुट्टा मवेशी पकड़ने गए कर्मियों से नोकझोंक
काफी विवाद के पास बमुश्किल दो मवेशी पकड़े गए
अमर उजाला ब्यूरो
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जिलाधिकारी के आदेश पर नगर पालिका प्रशासन प्राथमिकता से शहर में आवारा पशु पकड़ो अभियान चला रही है। सीएसआई केपी सिंह, बड़े बाबू जितेंद्र मिश्र और जेई मुकेश जायसवाल व अन्य कर्मचारी काऊ कैप्चर लेकर पटेल पार्क पहुंचे। कर्मचारियों ने पटेल पार्क में आवारा पशुओं को पकड़ना शुरू किया तो इधर-उधर दौड़ने लगे।
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कर्मचारियों ने रस्सी आदि बांधकर वैन में बैठाने लगे। यह देख स्थानीय लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि पशुओं को क्रूरता के साथ न पकड़ा जाए। इसको लेकर पालिका कर्मचारियों और लोगों के बीच नोकझोंक होने लगी। कुछ लोगों ने जैसे-तैसे मामला शांत कराया। पालिका कर्मचारियों ने पकड़ी गई गायों को
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बीबीगंज स्थित बेड़ारास भिजवाया। बड़े बाबू और सीएसआई ने जिला प्रशासन से मांग की कि आवारा पशुओं को पकड़वाने के दौरान पुलिस बल मुहैया कराया जाए। सीएसआई ने कहा कि शहर में कई संगठन हैं, जो पशुओं को पकड़ने का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि आसानी से पशु कैप्चर में नहीं चढ़ते हैं, जिस वजह से उन्हें जबरन चढ़ाना पड़ता है। जल्द ही पालिका बड़ी डीसीएम खरीदने जा रही है, जिससे पशुओं को पकड़ने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि अब तक 13 गायों को पकड़कर बेड़ारास में बंद कराया जा चुका है।
छुट्टा मवेशी पकड़ने गए कर्मियों से नोकझोंक
काफी विवाद के पास बमुश्किल दो मवेशी पकड़े गए
अमर उजाला ब्यूरो