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खेतों में ब्लेड वाली कटीली तार लगाई तो होगी जेल

Fri, 09 Feb 2018 11:29 PM IST
Updated Fri, 09 Feb 2018 11:29 PM IST
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खेतों में ब्लेड वाली कटीली तार लगाई तो होगी जेल
अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में ब्लेड और आरीदार तारबाड़ लगवाए किसानों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। उनके खिलाफ पशु चिकित्सक द्वारा थाने में पशु क्रूरता अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। विभागीय सर्वे के मुताबिक पिछले तीन माह में करीब डेढ़ सौ गायों की कटीले तारों से कटकर मौत हो चुकी है। 270 से ज्यादा गायें गंभीर रूप से घायल और अपंग हो चुकी हैं।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीपी सिंह ने सभी उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों और पशु चिकित्साधिकारियों को इस बाबत सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने दो फरवरी को अपर निदेशक पशुपालन डॉ. एके सिंह के आदेशों का हवाला देकर कहा है कि किसान अपनी रबी फसलों को बचाने के लिए ब्लेडयुक्त आरीदार तारों का उपयोग कर रहे हैं। इसका न कोई मानक है और न ही अनुमति। इन तारों में फंसकर पशु घायल व अपंग हो रहे हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने कहा है कि मंडल में बहुत से पशुपालक दूध निकालने के बाद उन्हें अन्ना छोड़ दे रहे हैं। अन्ना गोवंशों की सड़क हादसों में भी मौतें हो रही हैं। विभागीय सर्वे के मुताबिक पिछले तीन माह में करीब डेढ़ सौ गायों की कटीले तारों से कटकर मौत हो चुकी है।
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270 से ज्यादा गायें गंभीर रूप से घायल व अपंग हो चुकी हैं। यह पशु क्रूरता की श्रेणी में आता है। ब्लेड युक्त तार लगाने वाले किसानों को चिह्नित किया जाए। उनके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में थानों में रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। गोसेवा आयोग व निदेशालय को भी आदेश की प्रति भेजी है।
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