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नहीं मिले रुपये, मरीज को बाहर का दिखाया रास्ता
Updated Mon, 26 Mar 2018 11:59 PM IST
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फर्रुखाबाद। ट्रक की चपेट में आने से घायल युवक का नर्सिंग होम के डाक्टर ने रुपयों के अभाव में इलाज करने से मना कर दिया और अस्पताल से बाहर निकाल दिया। मरीज की सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की। पुलिस ने पीड़ित से ट्रक मालिक के खिलाफ तहरीर देने की बात कहीं और वहां से चली आई।
शमसाबाद निवासी गुड्डू यादव का ट्रक शहर के मोहल्ला भीखमपुरा निवासी अक्षय चलाता है। आईटीआई चौराहा निवासी नूर हसन परिचालक है। एक सप्ताह पूर्व वह आलू लोड होकर सिलचर (इटावा के आगे) गया था। इस दौरान सड़क पर पत्थर पड़ा होने पर चालक ने हेल्पर से पत्थर हटाने के लिए कहा। वह पत्थर हटाने गया, तभी चालक ने ट्रक को चला दिया। ट्रक की चपेट में आने से हेल्पर नूर हसन की टांग फ्रैक्चर हो गई। इसकी जानकारी
मिलने पर ट्रक मालिक मौके पर पहुंचा और वहीं सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। 24 मार्च को वहां से लाकर हेल्पर को फर्रुखाबाद मसेनी के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराकर पांच हजार रुपये जमा कर दिए। सोमवार को हेल्पर ने डाक्टर से आपरेशन करने को कहा, तो उससे 20 हजार रुपये जमा करने की बात कहीं। तब
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ट्रक मालिक को रुपये जमा करने के लिए फोन किया। ट्रक मालिक को फोन बंद होने के कारण बात नहीं हो सकी। रुपये जमा न होने पर डाक्टर और नर्सिंग होम के कर्मचारियों ने मरीज नूर हसन को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। तब पीड़ित ने यूपी 100 को सूचना दी। पुलिस नर्सिंग होम पहुंची और पूछताछ की। पुलिस ने पीड़ित से तहरीर देने पर ट्रक मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आश्वासन दिया और लौट गई।
रुपये न देने पर मरीज को निकाला
ट्रक की चपेट में आने से युवक हो गया था घायल
अमर उजाला ब्यूरो
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शमसाबाद निवासी गुड्डू यादव का ट्रक शहर के मोहल्ला भीखमपुरा निवासी अक्षय चलाता है। आईटीआई चौराहा निवासी नूर हसन परिचालक है। एक सप्ताह पूर्व वह आलू लोड होकर सिलचर (इटावा के आगे) गया था। इस दौरान सड़क पर पत्थर पड़ा होने पर चालक ने हेल्पर से पत्थर हटाने के लिए कहा। वह पत्थर हटाने गया, तभी चालक ने ट्रक को चला दिया। ट्रक की चपेट में आने से हेल्पर नूर हसन की टांग फ्रैक्चर हो गई। इसकी जानकारी
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मिलने पर ट्रक मालिक मौके पर पहुंचा और वहीं सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। 24 मार्च को वहां से लाकर हेल्पर को फर्रुखाबाद मसेनी के पास स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराकर पांच हजार रुपये जमा कर दिए। सोमवार को हेल्पर ने डाक्टर से आपरेशन करने को कहा, तो उससे 20 हजार रुपये जमा करने की बात कहीं। तब
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ट्रक मालिक को रुपये जमा करने के लिए फोन किया। ट्रक मालिक को फोन बंद होने के कारण बात नहीं हो सकी। रुपये जमा न होने पर डाक्टर और नर्सिंग होम के कर्मचारियों ने मरीज नूर हसन को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। तब पीड़ित ने यूपी 100 को सूचना दी। पुलिस नर्सिंग होम पहुंची और पूछताछ की। पुलिस ने पीड़ित से तहरीर देने पर ट्रक मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आश्वासन दिया और लौट गई।
रुपये न देने पर मरीज को निकाला
ट्रक की चपेट में आने से युवक हो गया था घायल
अमर उजाला ब्यूरो