Kanpur: साढ़े तीन महीने की प्रीत से दूसरी बार छिनी ममता, राजकीय बालिका गृह भेजी गई बच्ची…सबकी आंखें हुईं नम
Kanpur News: जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि अब हर जिले में अनाथ बच्चों के लिए यूनिट बन गई है। ये एक दत्तक अभिकरण (एडॉप्शन एजेंसी) है, जहां से बच्चों को गोद लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा।
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कानपुर में साढ़े तीन महीने की मासूम शुक्रवार को हैलट से राजकीय बालिका गृह यूनिट वन भेजी गई। इस दौरान वहां मौजूद डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ की आंखें नम हो गईं। इतनी छोटी उम्र में मासूम को दो बार अपनों से जुदा होना पड़ा। पहले माता-पिता ने त्याग दिया और अब साढ़े तीन माह से डॉक्टर-नर्स से मिल रही ममता से उसे दूर कर दिया गया। जाते समय सभी ने उसका नाम प्रीत रख दिया।
आठ नवंबर 2024 को थाना नजीराबाद के पास झाड़ियों में एक दिन की लावारिस बच्ची मिली थी। एसआई रामपूजन सिंह ने बच्ची को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग के एसएनसीयू में डॉ. अमितेश यादव की यूनिट में भर्ती कराया था। तीन महीने के इलाज के बाद बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई थी। इस पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने बच्ची को लखनऊ के दत्तक ग्रहण अभिकरण केंद्र में भेजने के लिए पत्राचार किया। लखनऊ भेजने पर उसे उसे यह कहकर वापस कर दिया गया कि अनाथ बच्चों के लिए कानपुर में भी विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण केंद्र बना है। उसे वहीं भेजें।
अब हर जिले में अनाथ बच्चों के लिए यूनिट बन गई है
इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह से बात कर बच्ची को भेजने के लिए पत्राचार किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी जयदीप सिंह ने बताया कि अब हर जिले में अनाथ बच्चों के लिए यूनिट बन गई है। ये एक दत्तक अभिकरण (एडॉप्शन एजेंसी) है, जहां से बच्चों को गोद लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ऑनलाइन ही आवेदन करना होगा। विदाई के मौके पर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमितेश यादव, नर्सिंग अधीक्षक निर्मला सिंह, सिस्टर इंचार्ज राजकुमारी आदि स्टाफ मौजूद रहा।
अभी हैलट में दो और मासूम भर्ती
हैलट में अभी दो बच्चियां और इलाज करा रही हैं। एक बच्ची आठ नवंबर 2024 को अशोकनगर में कूड़े के ढेर में मिली थी। दूसरी हैलट में ही जन्मी बेबी ऑफ काजल है। बेबी काजल कम वजन होने के चलते एसएनसीयू में 22 अक्तूबर को भर्ती की गई थी। उसकी मां काजल जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती थी और दो दिन बाद माता-पिता उसे छोड़कर चले गए था। बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. एके आर्या ने बताया कि अब अनाथ बच्चों को स्वरूपनगर में बने केंद्र राजकीय बालिका गृह में भेजा जाएगा।