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बीमा कंपनी पर फोरम ने लगाया दो हजार का जुर्माना
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:38 PM IST
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फर्रुखाबाद। जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष शिव प्रसाद कुशवाहा ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी पर दो हजार रुपये जुर्माना किया है। पीड़ित को भैंस की कीमत 9 फीसदी ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है।
गांव बलीपुर निवासी रतन सिंह ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक लालगेट और ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा याकूतगंज के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर की थी। इसमें कहा कि 1998 में भैंस खरीदने को ग्रामीण बैंक से लोन को आवेदन किया था। 7 दिसंबर 1998 में बैंक ने 9 हजार रुपये लोन
स्वीकार किया। इस धनराशि से भैंस खरीदी थी। जिसका न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में बीमा कराया। तीन हजार रुपये लोन का बैंक में जमा कर दिया। 8 दिसंबर 1999 में भैंस मर गई। इसकी जानकारी बैंक मैनेजर और बीमा कंपनी को दी। क्लेम की धनराशि पाने के लिए सभी अभिलेख तैयार कर बीमा कंपनी में क्लेम किया। लेकिन बीमा
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कंपनी ने भुगतान नहीं किया। इस कारण लोन की धनराशि भुगतान नहीं हो सकी। फोरम अध्यक्ष व सदस्यों ने याचिका पर सुनवाई के बाद पीड़ित को 8900 रुपये बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया। इस धनराशि पर बीमा कंपनी 6 सितंबर 2000 से धनराशि भुगतान की तिथि तक 9 फीसदी ब्याज भी पीड़ित को भुगतान करेंगे। इसके अलावा एक हजार रुपये परिवाद व्यय और हजार रुपये अर्थदंड का पीड़ित को दिए जाने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है।
बीमा कंपनी पर दो हजार जुर्माना
उपभोक्ता फोरम ने भैंस की कीमत ब्याज समेत भुगतान करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
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गांव बलीपुर निवासी रतन सिंह ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक लालगेट और ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त शाखा याकूतगंज के खिलाफ जिला उपभोक्ता फोरम में याचिका दायर की थी। इसमें कहा कि 1998 में भैंस खरीदने को ग्रामीण बैंक से लोन को आवेदन किया था। 7 दिसंबर 1998 में बैंक ने 9 हजार रुपये लोन
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स्वीकार किया। इस धनराशि से भैंस खरीदी थी। जिसका न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में बीमा कराया। तीन हजार रुपये लोन का बैंक में जमा कर दिया। 8 दिसंबर 1999 में भैंस मर गई। इसकी जानकारी बैंक मैनेजर और बीमा कंपनी को दी। क्लेम की धनराशि पाने के लिए सभी अभिलेख तैयार कर बीमा कंपनी में क्लेम किया। लेकिन बीमा
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कंपनी ने भुगतान नहीं किया। इस कारण लोन की धनराशि भुगतान नहीं हो सकी। फोरम अध्यक्ष व सदस्यों ने याचिका पर सुनवाई के बाद पीड़ित को 8900 रुपये बीमा कंपनी को भुगतान करने का आदेश दिया। इस धनराशि पर बीमा कंपनी 6 सितंबर 2000 से धनराशि भुगतान की तिथि तक 9 फीसदी ब्याज भी पीड़ित को भुगतान करेंगे। इसके अलावा एक हजार रुपये परिवाद व्यय और हजार रुपये अर्थदंड का पीड़ित को दिए जाने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है।
बीमा कंपनी पर दो हजार जुर्माना
उपभोक्ता फोरम ने भैंस की कीमत ब्याज समेत भुगतान करने का दिया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो