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झींझक के एएनएम सेंटरों में उगी झाड़ियां
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अमर उजाला ब्यूरो
झींझक। गर्भवती महिलाएं, बच्चों के टीकाकरण, महिलाओं को परिवार नियोजन संबंधी जानकारी व सुविधाएं देने, माहवारी के दौरान पैड उपलब्ध कराने और ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए खोले गए ब्लॉक के कई एएनएम सेंटर बदहाल पड़े हैं। महीनों से भवन के ताले न खुलने से परिसर में झाड़ियां उग आई हैं और रास्ते खराब हो गए हैं। इससे महिलाओं को टीकाकरण व अन्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है।
झींझक ब्लॉक के 22 गांवों में उपस्वास्थ्य केंद्र (एएनएम सेंटर) खोले गए थे। इनमें मंगलपुर, जुरिया, औरंगाबाद, ठेनामऊ, रामपुर, टप्पेवान गांव के एएनएम सेंटर लंबे समय से बंद पड़े हैं। आशा बहू व एएनएम इन सेंटरों पर नहीं जाती हैं, इससे सेंटरों के परिसर में तो बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। टीकाकरण अभियान चलने पर दूसरी जगह बैठकर एएनएम व आशा गांव में दूसरे जगह बैठकर टीके लगाती हैं। मंगलपुर गांव के रामजी गुप्ता ने बताया कि एएनएम सेंटर की बदहाल स्थिति के बारे में कई बार अधिकारियों को बताया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जुरिया गांव के शिव शंकर ने बताया कि सेंटर न खुलने से महिलाओं को खासी परेशानी होती है। मंगलपुर के अरुण चौबे कहते हैं कि लाखों की बिल्डंग बदहाल पड़ी है और टीकाकरण के लिए लोग इधर उधर भटकते हैं। औरंगाबाद निवासी अमित तिवारी ने बताया कि अनदेखी के चलते भवन जर्जर हो गया है। सेंटर तक जाने के लिये रास्ता भी नही है। टीकाकरण के लिए एएनएम को गांव में खोजना पड़ता है।
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सीएचसी अधीक्षक डा विमलेश वर्मा ने कहा कि एएनएम सेंटर काफी पहले बनवाए गये थे। लगभग सभी एएनएम केंद्र खुलते हैं, बारिश में जल भराव के कारण परिसरों में झाड़ झाड़ियां उग आई होंगी, उन्हें साफ करवा दिया जाएगा। अगर कहीं एएनएम व आशा सेंटर पर नहीं बैठती हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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झींझक के एएनएम सेंटरों में उगी झाड़ियां
सेंटरों पर आशा, एएनएम के न बैठने से भटकते हैं ग्रामीण