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घाटमपुर के छात्र का शव इलाहाबाद में मिला
Updated Sat, 07 Jul 2018 01:24 AM IST
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भीतरगांव (कानपुर)। विकास खंड के शाहपुर गांव निवासी एक छात्र का शव संदिग्ध हालात में इलाहाबाद में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन पर आखिरी काल पर पुलिस ने जानकारी की तो उसकी शिनाख्त हुई। जानकारी मिलते ही उसके घर पर कोहराम मच गया। वहीं, परिजन इलाहाबाद रवाना हो गए हैं।
गांव निवासी रामआसरे प्रजापति के पांच बेटे हैं। छोटा बेटा अखिलेश प्रजापति (19) आईटीआई पांडु नगर (कानपुर) में मोटर मैकेनिकल की पढ़ाई कर रहा था। इस वर्ष उसका आखिरी सेमेस्टर था। बीमारी के चलते वह कई दिनों से कालेज नहीं गया था और अपने घर शाहपुर में था। 4 जुलाई को अखिलेश के एक सहपाठी का फोन आया था कि 5 जुलाई को कालेज में बड़े प्रोफेसर आ रहे हैं, जिसके चलते कक्षा में उसकी उपस्थिति अनिवार्य है।
बड़े भाई अनिल ने बताया कि पांच जुलाई को अखिलेश बीमार होने के बावजूद भी कानपुर के लिए चल दिया। उसको बड़ा भाई बिरहर तिराहे तक छोड़ने और बस में बैठाने आया था। परिजनों ने बताया कि दोपहर बाद अचानक अखिलेश का मोबाइल स्विच आफ बताने लगा। जिस पर सभी लोग परेशान हो गए और शाम को उसके कालेज भी गए। लेकिन, तब तक कालेज बंद हो चुका था। इधर, शुक्रवार (6 जुलाई) को शाहपुर गांव में इलाहाबाद के थाना जार्ज टाउन के दरोगा का फोन आया कि अखिलेश का शव प्रयाग स्टेशन के आउटर के पास पड़ा मिला है। बताया कि उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन पर डायल आखिरी नंबर उसके परिजनों का था। फोन पर ही पुलिस द्वारा हुलिया और कपड़ों का रंग बताने पर परिजनों ने उसकी शिनाख्त की और इलाहाबाद को रवाना हो गए।
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गांव निवासी रामआसरे प्रजापति के पांच बेटे हैं। छोटा बेटा अखिलेश प्रजापति (19) आईटीआई पांडु नगर (कानपुर) में मोटर मैकेनिकल की पढ़ाई कर रहा था। इस वर्ष उसका आखिरी सेमेस्टर था। बीमारी के चलते वह कई दिनों से कालेज नहीं गया था और अपने घर शाहपुर में था। 4 जुलाई को अखिलेश के एक सहपाठी का फोन आया था कि 5 जुलाई को कालेज में बड़े प्रोफेसर आ रहे हैं, जिसके चलते कक्षा में उसकी उपस्थिति अनिवार्य है।
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बड़े भाई अनिल ने बताया कि पांच जुलाई को अखिलेश बीमार होने के बावजूद भी कानपुर के लिए चल दिया। उसको बड़ा भाई बिरहर तिराहे तक छोड़ने और बस में बैठाने आया था। परिजनों ने बताया कि दोपहर बाद अचानक अखिलेश का मोबाइल स्विच आफ बताने लगा। जिस पर सभी लोग परेशान हो गए और शाम को उसके कालेज भी गए। लेकिन, तब तक कालेज बंद हो चुका था। इधर, शुक्रवार (6 जुलाई) को शाहपुर गांव में इलाहाबाद के थाना जार्ज टाउन के दरोगा का फोन आया कि अखिलेश का शव प्रयाग स्टेशन के आउटर के पास पड़ा मिला है। बताया कि उसकी जेब से मिले मोबाइल फोन पर डायल आखिरी नंबर उसके परिजनों का था। फोन पर ही पुलिस द्वारा हुलिया और कपड़ों का रंग बताने पर परिजनों ने उसकी शिनाख्त की और इलाहाबाद को रवाना हो गए।
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