12 साल के बच्चे ने लगाई फांसी: माता-पिता ने नहीं दिलाया मोबाइल, तो पांचवी के छात्र ने दी जान
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल की मांग पूरी न होने पर पांचवीं के छात्र ने जान दे दी। उसका शव कमरे में अंगोछे के फंदे से लटका मिला।
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हरदोई जिले के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में 12 साल के मासूम ने सिर्फ इसलिए अपनी जान दे दी, क्योंकि वो माता-पिता ने उसे मोबाइल नहीं दिलाया था। मामला गांव मगियावां का है, जहां मोबाइल की मांग पूरी न होने से नाराज छात्र ने रविवार शाम कमरे में अंगोछे से फंदा लगाकर जान दे दी। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
मगियावां निवासी सिराज (12) कक्षा पांच का छात्र था। रविवार शाम उसका शव कमरे में कपड़े टांगने के लिए बंधे डंडे में अंगोछे के फंदे से लटका मिला। घटना के समय उसकी मां खेतों पर बकरी चराने गई थी। पिता इदरीश दादी की दवा लेने जिला अस्पताल गए थे। देर शाम बकरी लेकर घर पहुंची मां ने उसका शव कमरे में फंदे पर लटका देखा। मां के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर आ गए।
मृतक की मां ने बताया कि बेटा उसके साथ बकरी चराने गया था, लेकिन खाना खाने की बात कहकर लौट आया था। बेटा कई दिनों से मोबाइल दिलाने की जिद कर रहा था। मोबाइल की मांग पूरी न होने पर उसनने फंदा लगाकर जान दे दी। मृतक दो भाइयों में बड़ा था। कोतवाल सुरेश मिश्रा ने बताया कि घटना में मोबाइल न मिलने से परेशान होकर खुदकुशी करने की बात सामने आई है।