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आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट, कर्मी की मौत, युवक घायल
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:06 AM IST
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उड़ी छत
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सदर कोतवाली अंतर्गत मोहल्ला आलमगीर गंज में बुधवार को आतिशबाजी बनाते समय विस्फोट में कर्मी की मौत हो गई, जबकि युवक घायल हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से आने का आरोप लगा स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। भीड़ ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी फूंकने का प्रयास किया।
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शहर के मोहल्ला आलमगीर गंज निवासी अच्छन के मकान की ऊपरी मंजिल पर आतिशबाजी बनाई जा रही थी। बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब दो तेज धमाके हुए इससे मोहल्ले के कई मकान हिल गए। दौड़कर लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि अच्छन के मकान से धुआं उठ रहा है। ऊपरी मंजिल पर बना कमरा धराशायी हो गया। कमरे के आगे पड़ी टीन दूर जा गिरी। मौके पर पहुंचे लोगाें ने आग पर पानी उड़ेलना शुरू किया। घटना की सूचना पुलिस व फायर ब्रिगेड को दी गई।
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सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी आलोक सिंह यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। रेलवे क्रासिंग बंद होने के कारण फायर ब्रिगेड की गाड़ी देर से पहुंच सकी। इससे भीड़ ने हंगामा काटते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियाें में आग लगाने का प्रयास किया तो कोतवाल का कड़ा रुख देख लोग शांत हुए। पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर घायल रिजवान (30) को जिला अस्पताल भेजा। उधर, मलबे में तलाशी के दौरान आतिशबाजी का निर्माण कर रहे शहर के मोहल्ला मौसमपुर मौरारा निवासी रामआसरे (45) की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल रिजवान का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। फोरेंसिक लैब प्रभारी मुुमताज अली ने मौके पर पहुंचकर मिले विस्फोटक का नमूना भरा। वहीं पुलिस ने लाखाें रुपये की आतिशबाजी मकान के अंदर से बरामद की है।
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अधिकारियाें व जन प्रतिनिधियों ने घटना का लिया जायजा
घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम सदर रामगोपाल, तहसीलदार सदर राजेश कुमार, क्षेत्रीय लेखपाल अमित मिश्रा, क्षेत्राधिकारी सदर सुरेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने क्षति का जायजा लिया। पीड़ितों को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया। इसी तरह कई राजनैतिक दल के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे।
नाली बांधकर गंदे पानी से बुझाई घर की आग
आग को बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं पहुंची तो लोगों ने दरवाजे से निकली नाली में बांध लगाकर पानी को रोक लिया। प्लास्टिक के डिब्बाें में पानी भरकर जलते कपड़ों पर उड़ेलना शुरू कर दिया। इससे फायरब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले ही लोगों ने खुद आग पर काबू पा लिया था।
आग बुझने के बाद दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पहुंची। इस पर नाराज लोगाें ने हंगामा शुरू किया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियाें को जब आक्रोशित भीड़ ने जलाने की कोशिश की तो सदर कोतवाल आलोक सिंह यादव का पारा चढ़ गया। उन्होंने चिल्लाते हुए कहा कि हिम्मत है तो आग लगाकर दिखाओे। कोतवाल का पारा चढ़ा देख भीड़ लौट गई।
पहले भी दो बार हो चुका है विस्फोट
शहर के मोहल्ला आलमगीर गंज निवासी अच्छन का आतिशबाजी तैयार कर बिक्री करने का खानदानी कारोबार है। बाबा से लेकर पिता मुन्ना तक आतिशबाजी बनाते हैं। दो बार पहले भी विस्फोट हो चुका है। फिर भी सावधानी नहीं बरती गई। इसी का नतीजा है कि बुधवार की दोपहर आतिशबाजी निर्माण के दौरान बारूद में आग लग गई। जिससे तेज धमाके होने लगे।
लाइसेंस वाले स्थान पर नहीं हो रहा था निर्माण
शहर में करीब एक दर्जन लोगों के पास आतिशबाजी बनाने का लाइसेंस है। आतिशबाजी बनाने के लिए इनके स्थान भी शहर के बाहर चिह्नित किए गए हैं। इन्हीं स्थानों पर निर्माण करने का लाइसेंस दिया गया है। इसके बावजूद अच्छन के यहां घर के अंदर आतिशबाजी का निर्माण किया जा रहा था। अधिकारियों ने कभी आतिशबाजी के निर्माण की हकीकत मौके पर जाकर नहीं देखी।
घर से बरामद हुई लाखों की आतिशबाजी
अच्छन के घर में विस्फोट के बाद पुलिस ने छापा मारा तो लाखाें रुपये की आतिशबाजी बरामद की। इसे पुलिस ने जब्त कर लिया। नियमों की माने तो आतिशबाजी को घर में रखने का लाइसेंस नहीं दिया जाता है। जिस चिह्नित स्थान पर आतिशबाजी का निर्माण किया जाता है, वहीं पर उसे रखने के निर्देश हैं। यदि तैयार आतिशबाजी में आग लग जाती तो घंटों धमाके होते रहते।